पाकिस्तान में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है, जिसका बड़ा कारण ईरान-इजराइल के बीच बढ़ा युद्ध तनाव माना जा रहा है. तेल-गैस की वैश्विक कीमतें बढ़ने से आयात पर निर्भर देशों पर दबाव बढ़ गया है. इसी के चलते पाकिस्तान सरकार ने ईंधन की खपत कम करने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में गैस संकट के बीच कुछ लोग प्लास्टिक बैग में LPG भरवाकर घर ले जाते दिखे. कई वीडियो में लोग बैग में नोजल-वाल्व और छोटे कंप्रेसर से इस्तेमाल करके गैस भरवाते हुए नजर आए. यह पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर फिर से वायरल हो रहा है जोकि बेहद खतरनाक और हादसे को न्योता देने वाला तरीका है.
एलपीजी गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है और इसे केवल मजबूत धातु के सिलेंडर में ही सुरक्षित रखा जा सकता है
पाकिस्तान में घरेलू LPG सिलेंडर (डोमेस्टिक सिलेंडर) का दाम मार्च 2026 में ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) द्वारा के अनुसार, 11.8 किलो वाले सामान्य घरेलू LPG सिलेंडर की अधिकतम कीमत 2,664.88 रुपये (लगभग 2,665 रुपये) तय की गई है. यह कीमत 1 मार्च 2026 से लागू है और मार्च के अंत तक रहेगी. प्रति किलो LPG की कीमत 225.84 रुपये है. यह OGRA की आधिकारिक अधिकतम उपभोक्ता कीमत है (consumer end maximum price), लेकिन वास्तविक बाजार में यह थोड़ी ज्यादा हो सकती है क्योंकि डीलर/रिटेलर अतिरिक्त चार्ज लगा देते हैं. कुछ इलाकों में मार्केट रेट इससे भी ज्यादा है. पाकिस्तान में प्राकृतिक गैस की कमी और महंगाई के कारण घरों में पाइपलाइन से गैस नहीं पहुंच रही.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सच्चाई
ऐसे में सोशल मीडिया पर ऐसी कई पुरानी वीडियो भी वायरल हो रही हैं जिसमें पाकिस्तान के कई लोग एलपीजी पाइपलाइन से जुड़ी दुकानों पर प्लास्टिक बैग में भरवाकर घर ले जाते हुए नजर आए हैं. DW की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, लोग 500-900 रुपये में प्लास्टिक बैग भरवाकर काम चला रहे थे. इन बैग में नोजल और वाल्व लगाकर गैस भरी जाती है, और छोटे कंप्रेसर से घर में इस्तेमाल किया गया. लेकिन यह सुविधा मौत को दावत देने जैसी ही है.
क्यों है प्लास्टिक बैग में एलपीजी भरना?
एलपीजी गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है और इसे केवल मजबूत धातु के सिलेंडर में ही सुरक्षित रखा जा सकता है, जो दबाव सहन कर सके. प्लास्टिक बैग में कोई दबाव नियंत्रण नहीं होता, कोई सेफ्टी वाल्व नहीं, कोई चेतावनी का लेबल तक नहीं होता है. प्लास्टिक बैग से छोटा सी लीक, माचिस की चिंगार या बिजली का स्पार्क इसे बड़ा विस्फोट बना सकती है. DW की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. कुरतुलैन बताती हैं कि कई मरीज गंभीर रूप से झुलस जाते हैं. 2023 में एक घटना में कराक जिले में प्लास्टिक बैग फटने से 20 लोग जख्मी हुए, जिनमें 5 बच्चे शामिल थे. यह “वॉकिंग बम” जैसा है.
क्या है नियम?
हालांकि, पाकिस्तान की सरकारी एजेंसियां जैसे Sui Northern Gas Pipelines Limited ने इसपर पूरी तरह रोक लगा हुई है. इसे सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है और कई दुकानदारों को गिरफ्तार भी किया गया थी. लेकिन गरीबी के कारण यह तरीके अभी भी कई लोग छुपकर अपना लेते हैं. भारत में भी एलपीजी को प्लास्टिक बैग या अनधिकृत तरीके से भरना या ले जाना पूरी तरह गैरकानूनी और खतरनाक है. गैस सिलेंडर नियम 2016 और विस्फोटक अधिनियम के तहत केवल ISI मार्क वाले सिलेंडर ही वैध हैं. अनधिकृत रिफिलिंग या गलत तरीके से ले जाना बड़ा हादसा कर सकता है. ईरान और इजराल तनाव की वजह से भारत में भी लोगों को गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से इस संकट से निपटने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं.
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