अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में बढ़ता संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था की मजबूती की परीक्षा ले सकता है. उनका कहना है कि अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो दुनिया भर में महंगाई बढ़ सकती है और आर्थिक विकास की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है.
क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के मुताबिक अगर पूरे साल तेल की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी बनी रहती है तो वैश्विक महंगाई में लगभग 0.4 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है. इसके साथ ही वैश्विक आर्थिक उत्पादन में भी 0.1 से 0.2 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है. उन्होंने कहा कि फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सबसे ज्यादा असर दिखता है.
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज ने बढ़ाई टेंशन
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है. यह समुद्री मार्ग दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल परिवहन के लिए अहम माना जाता है. इस रास्ते में बाधा आने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे बाजार में तेल और गैस की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है.
नीति निर्माताओं को सतर्क रहने की सलाह
आईएमएफ प्रमुख ने नीति निर्माताओं को आगाह करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक माहौल में संभावित जोखिमों के लिए पहले से तैयारी करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरकारों और केंद्रीय बैंकों को ऐसे हालात के लिए तैयार रहना चाहिए जिनकी संभावना अभी कम दिखाई देती है, क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में झटकों की आवृत्ति बढ़ती जा रही है.
भारत सरकार ने भी जताई चिंता
भारत के वित्त मंत्रालय की मासिक आर्थिक समीक्षा में भी इस संकट को लेकर चिंता जताई गई है. रिपोर्ट के अनुसार मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से तेल और एलएनजी की कीमतों में तेजी आई है. इससे आयातित महंगाई, रुपये पर दबाव और चालू खाते के घाटे पर असर पड़ने का जोखिम बढ़ सकता है. हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार और मजबूत आर्थिक आधार मौजूद है.
पड़ोसी देशों पर तुरंत असर
मध्य पूर्व संकट का असर पड़ोसी देशों में भी दिखाई देने लगा है. पाकिस्तान ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की घोषणा की है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक तेल कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो कई देशों में महंगाई का नया दौर शुरू हो सकता है.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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