रिपोर्ट में कहा गया है कि यह आंकड़ा पूरे एआई जॉब मार्केट का प्रतिनिधित्व नहीं करता, लेकिन इससे यह साफ होता है कि ज्यादातर सेक्टर्स में एआई से जुड़ी नौकरियों का बड़ा हिस्सा इन्हीं तीन शहरों में केंद्रित है. इससे यह भी संकेत मिलता है कि भारत में एआई इकोसिस्टम अभी भी बड़े मेट्रो शहरों के आसपास केंद्रित है.
भारत में एआई जॉब्स के टॉप शहर
सीबीआरई की रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलुरु एआई जॉब हायरिंग का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है. यहां कुल एआई जॉब ओपनिंग का 25.4 प्रतिशत हिस्सा है. दिल्ली एनसीआर 24.8 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर है, जबकि मुंबई 19.2 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर है.
अन्य शहरों में हैदराबाद का हिस्सा 12.5 प्रतिशत है, पुणे में 9.6 प्रतिशत, चेन्नई में 6.4 प्रतिशत और कोलकाता में 2.1 प्रतिशत एआई जॉब्स दर्ज की गई हैं. यह आंकड़े बताते हैं कि एआई टैलेंट की मांग धीरे धीरे दूसरे शहरों में भी फैल रही है, लेकिन अभी भी बड़ा फोकस मेट्रो शहरों पर ही है.
किस सेक्टर में सबसे ज्यादा एआई जॉब्स
रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल एआई प्रोफेशनल्स की सबसे ज्यादा मांग इंजीनियरिंग रोल्स में देखी जा रही है, जिसमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और क्वालिटी एश्योरेंस शामिल हैं. इसके अलावा डेटा साइंस और एनालिटिक्स से जुड़े प्रोफाइल्स की भी बड़ी मांग है.
कस्टमर सक्सेस, सर्विस और ऑपरेशंस जैसे सेक्टर भी एआई को तेजी से अपना रहे हैं, जिससे इन क्षेत्रों में भी नई जॉब्स पैदा हो रही हैं. कंपनियां अपने बिजनेस प्रोसेस को ऑटोमेट करने और यूजर एक्सपीरियंस बेहतर बनाने के लिए एआई का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं.
भारत के लिए एआई टैलेंट क्यों बन रहा है अहम
सीबीआरई के चेयरमैन और सीईओ अंशुमान मैगजीन ने कहा कि एआई अब सिर्फ चर्चा का विषय नहीं रहा बल्कि भारत की आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ का अहम हिस्सा बन चुका है. उन्होंने कहा कि एआई टैलेंट की बढ़ती मांग सिर्फ हायरिंग ट्रेंड नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि ग्लोबल कंपनियां भारत को अब केवल सर्विस डिलीवरी बेस नहीं बल्कि इनोवेशन हब के रूप में देख रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यह बदलाव भारत की भूमिका को ग्लोबल डिजिटल वैल्यू चेन में नए सिरे से परिभाषित करेगा और देश को टेक्नोलॉजी इनोवेशन के केंद्र के रूप में स्थापित करेगा.
बेंगलुरु क्यों है एआई जॉब्स का सबसे बड़ा हब
रिपोर्ट में बेंगलुरु की एआई जॉब्स में बढ़त का कारण ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की मजबूत मौजूदगी को बताया गया है. साल 2025 में बेंगलुरु देश में जीसीसी द्वारा ली गई कुल ऑफिस स्पेस लीजिंग का एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा रखता था. वहीं दिल्ली एनसीआर में एआई टैलेंट की मांग कंसल्टिंग, फिनटेक, हेल्थकेयर और पब्लिक सेक्टर इनिशिएटिव्स से बढ़ रही है. यह दिखाता है कि एआई का इस्तेमाल अब केवल टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रहा बल्कि हर सेक्टर में फैल रहा है.
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