पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने रसोई गैस की सप्लाई सुरक्षित करने के लिए कदम तेज कर दिए हैं. सरकार अब खाड़ी देशों के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों से भी LPG मंगाने की तैयारी कर रही है. ऊर्जा आपूर्ति पर संभावित असर को देखते हुए रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया गया है. सरकार का लक्ष्य है कि देश में घरेलू गैस की उपलब्धता बनी रहे और उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो.
भारत ने अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से LPG सप्लाई बढ़ाई. (Image:News18)
कई देशों से LPG सप्लाई की तैयारी
सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत ने वैश्विक कंपनियों के पोर्टफोलियो से एलपीजी की आपूर्ति सुरक्षित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है. इसमें यूएई की प्रमुख ऊर्जा कंपनी Adnoc और अल्जीरिया की सरकारी कंपनी Sonatrach समेत कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका से भी एलपीजी की डिलीवरी की प्रक्रिया जारी है. सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए एलपीजी के वैकल्पिक स्रोतों को तेजी से बढ़ाया जा रहा है ताकि सप्लाई पर किसी तरह का दबाव न पड़े.
रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश
सरकार ने घरेलू स्तर पर भी एलपीजी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं. आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आपात शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए भारतीय रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया गया है. इसके तहत रिफाइनरियां अपने प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव कर ज्यादा एलपीजी बनाने की कोशिश करेंगी. साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों से कहा गया है कि इस गैस को मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध कराया जाए.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता बड़ी चुनौती
भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 80 से 85 प्रतिशत आयात करता है और इसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है. यह गैस मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारत पहुंचती है. मौजूदा युद्ध की स्थिति में इस रास्ते पर खतरा बढ़ने की आशंका है. अगर इस मार्ग पर किसी तरह की बाधा आती है तो एलपीजी सप्लाई प्रभावित हो सकती है. यही वजह है कि भारत पहले से ही वैकल्पिक आपूर्ति चैनल तैयार करने में जुट गया है.
सिलेंडर की जमाखोरी रोकने के लिए सख्ती
सरकार ने घरेलू गैस की जमाखोरी रोकने के लिए भी कुछ कदम उठाए हैं. अब एक घरेलू उपभोक्ता को नया सिलेंडर लेने के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना होगा. पहले जहां 15 दिन बाद दूसरा सिलेंडर लिया जा सकता था, अब इस अवधि को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है. इसके अलावा जरूरत पड़ने पर कमर्शियल गैस को घरेलू उपयोग की तरफ भी मोड़ा जा सकता है. सरकार का कहना है कि फिलहाल देश में पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है और सभी विभाग मिलकर ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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