भारत के भरोसेमंद डिविडेंड देने वाले शेयर
नीचे कुछ ऐसी कंपनियां दी गई हैं जिनका डिविडेंड देने का रिकॉर्ड लगातार मजबूत रहा है.
1. Coal India Limited
सेक्टर: माइनिंग (पीएसयू)
अनुमानित डिविडेंड यील्ड: लगभग 7 प्रतिशत
खासियत: यह देश की सबसे बड़ी कोयला कंपनी है और मजबूत कैश फ्लो के कारण लगभग हर साल अच्छा डिविडेंड देती है.
2. Vedanta Limited
सेक्टर: मेटल और माइनिंग
डिविडेंड यील्ड: लगभग 8 से 10 प्रतिशत
खासियत: यह कंपनी साल में कई बार इंटरिम डिविडेंड देने के लिए जानी जाती है, हालांकि कमोडिटी कीमतों के कारण इसमें उतार चढ़ाव रहता है.
3. Hindustan Zinc Limited
सेक्टर: मेटल
डिविडेंड यील्ड: लगभग 6 से 7 प्रतिशत
खासियत: मजबूत बैलेंस शीट और कम कर्ज के कारण यह लगातार डिविडेंड देती रही है.
4. REC Limited
सेक्टर: पावर फाइनेंस (पीएसयू एनबीएफसी)
डिविडेंड यील्ड: लगभग 5 से 6 प्रतिशत
खासियत: बिजली क्षेत्र को कर्ज देने वाली यह सरकारी कंपनी स्थिर कमाई के कारण नियमित डिविडेंड देती है.
5. Power Grid Corporation of India
सेक्टर: पावर ट्रांसमिशन
डिविडेंड यील्ड: लगभग 4 से 5 प्रतिशत
खासियत: यह देश की सबसे बड़ी ट्रांसमिशन कंपनी है और इसकी कमाई काफी स्थिर मानी जाती है.
6. ITC Limited
सेक्टर: एफएमसीजी और तंबाकू
डिविडेंड यील्ड: लगभग 4 से 5 प्रतिशत
खासियत: कई दशकों से लगातार डिविडेंड देने का मजबूत रिकॉर्ड.
7. Castrol India Limited
सेक्टर: लुब्रिकेंट्स
डिविडेंड यील्ड: लगभग 5 से 7 प्रतिशत
खासियत: मजबूत ब्रांड और स्थिर मांग के कारण कंपनी लगातार शेयरधारकों को अच्छा डिविडेंड देती है.
8. Bajaj Finance Limited
सेक्टर: एनबीएफसी
डिविडेंड यील्ड: लगभग 5 प्रतिशत
खासियत: यह तेज़ी से बढ़ने वाली वित्तीय कंपनी है और समय के साथ डिविडेंड भी बढ़ाती रही है.
9. Hindustan Aeronautics Limited
सेक्टर: डिफेंस (पीएसयू)
डिविडेंड यील्ड: लगभग 4 से 5 प्रतिशत
खासियत: सरकारी रक्षा परियोजनाओं के कारण इसकी आय स्थिर रहती है.
10. Oil and Natural Gas Corporation
सेक्टर: तेल और गैस
डिविडेंड यील्ड: लगभग 4 से 5 प्रतिशत
खासियत: देश की सबसे बड़ी तेल और गैस कंपनियों में से एक, जो नियमित डिविडेंड देती है.
डिविडेंड शेयर चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें
विशेषज्ञों के अनुसार केवल ज्यादा डिविडेंड यील्ड देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं होती. कुछ महत्वपूर्ण बातों पर भी ध्यान देना चाहिए.
- कंपनी का डिविडेंड रिकॉर्ड कम से कम 10 साल का होना चाहिए.
- Payout ratio बहुत ज्यादा नहीं होना चाहिए.
- कंपनी का कैश फ्लो मजबूत होना चाहिए.
- कर्ज कम और कमाई स्थिर होनी चाहिए.
- अलग अलग सेक्टर में निवेश करके जोखिम कम किया जा सकता है.
टैक्स से जुड़ी जरूरी जानकारी
भारत में डिविडेंड से होने वाली आय पर टैक्स लगता है. अगर किसी निवेशक को एक साल में 5000 रुपये से ज्यादा डिविडेंड मिलता है तो उस पर टीडीएस भी कट सकता है. अंत में यह आय निवेशक की टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्सेबल होती है.
(Disclaimer: यहां बताए गया स्टॉक्स सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले एक्सपर्ट से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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