भारत ने अमेरिका के साथ अपने व्यापार को संतुलित करने के लिए यूएई (UAE) के बजाय अब अमेरिकी बाजार से अधिक सोना और चांदी खरीदने की योजना बनाई है. इसके अलावा, नए व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने 31 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात पर शुल्क 50% से घटाकर 18% कर दिया है, जबकि 10 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क अब शून्य (Zero) होगा. इससे कपड़ा, रत्न-आभूषण और फार्मा सेक्टर को वैश्विक बाजार में बड़ी बढ़त मिलेगी.
यह केवल धातुओं तक सीमित नहीं है; भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते ने डेटा सेंटर उद्योग और कृषि जैसे क्षेत्रों के लिए भी नए रास्ते खोल दिए हैं. जीपीयू (GPU) सर्वर्स पर आयात शुल्क कम होने से भारत में एआई और डेटा स्टोरेज की लागत में 14% तक की कमी आने की उम्मीद है. हालांकि, भारत ने अपने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए कृषि उत्पादों के आयात पर कड़े ‘बायोसिक्योरिटी’ नियम और जीएम (GM) फूड्स पर प्रतिबंध बरकरार रखा है.
क्यों चुना अमेरिका?
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, भारत अब अपने आयात स्रोतों में विविधता ला रहा है:
- कीमतों में कमी: अमेरिका कीमती धातुओं का एक बड़ा वैश्विक केंद्र है. वहां से सीधे खरीद करने से भारतीय बाजार में सोने और चांदी की आपूर्ति बढ़ेगी, जिससे कीमतें कम होने में मदद मिलेगी.
- व्यापार संतुलन: भारत अमेरिका को निर्यात अधिक करता है और आयात कम. सोने का आयात बढ़ने से यह अंतर (Surplus) कम होगा, जिससे व्यापारिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे.
- रिफाइंड फॉर्म: अमेरिका से कच्चा सोना, रिफाइंड धातु और आभूषणों का बड़े पैमाने पर आयात किया जाएगा.
एआई क्रांति को मिलेगी रफ्तार
भारतीय डेटा सेंटर उद्योग के लिए यह समझौता किसी संजीवनी से कम नहीं है:
- ड्यूटी में कटौती: पहले एंटरप्राइज जीपीयू (GPU) सर्वर्स पर 20-28% तक का भारी आयात शुल्क लगता था, जिसे अब कम कर दिया गया है.
- कम लागत: शुल्क घटने से भारत में एआई-रेडी डेटा सेंटर स्थापित करने की लागत में लगभग 14% की कमी आएगी.
- सिंगापुर को टक्कर: अब भारत में डेटा सेंटर बनाना सिंगापुर जैसे वैश्विक हब के मुकाबले सस्ता और प्रतिस्पर्धी होगा.
कृषि और किसानों की सुरक्षा
भले ही अमेरिका के साथ व्यापार बढ़ रहा है, लेकिन भारत ने अपनी सीमाओं और किसानों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया है:
- बायोसिक्योरिटी चेक: भारत आने वाले किसी भी अमेरिकी कृषि उत्पाद को कड़े सुरक्षा मानकों को पूरा करना होगा.
- जीएम फूड्स पर पाबंदी: भारत में जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) खाद्य पदार्थों के प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है.
- टैरिफ कोटा: चुनिंदा कृषि उत्पादों का आयात ‘टैरिफ रेट कोटा’ (TRQs) के तहत ही होगा ताकि घरेलू बाजार प्रभावित न हो.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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