भारत अमेरिका ट्रेड डील पर नया अपडेट आया है. बातचीत से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि जल्द इस पर फैसला लिया जा सकता है. दोनों देशों के बीच बातचीत बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में चल रही है.
अधिकारियों की बात ये संकेत मिलते हैं कि कूटनीतिक स्तर पर भारत अपनी बात समझाने में सफल रहा है. अधिकारी ने जानकारी दी कि व्यापार वार्ता को गति देने के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के कार्यालय से एक हाईलेवल टीम दिसंबर में भारत आई थी. इसका नेतृत्व डिप्टी यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव एंबेसडर रिक स्विट्जर कर रहे थे. अधिकारियों ने कहा, ‘अमेरिका के साथ हमारी चर्चा जारी है और यह बहुत ही सौहार्दपूर्ण और अच्छे माहौल में हो रही है. दोनों पक्ष एक-दूसरे की चिंताओं को समझ रहे हैं.’
सूत्रों के मुताबिक, भारत और अमेरिका फिलहाल पूरे समझौते को एक साथ लागू करने के बजाय इसे चरणों में लागू करने पर विचार कर रहे हैं. अभी दोनों देश समझौते की पहली किश्त या पहले चरण को अंतिम रूप देने पर काम कर रहे हैं. इस पहले चरण में उन मुद्दों को शामिल किया जाएगा जिन पर दोनों देशों की सहमति लगभग बन चुकी है, ताकि व्यापार को तुरंत राहत मिल सके.
सितंबर 2025 के बाद से अमेरिकी अधिकारियों का यह दूसरा भारत दौरा था. इससे पहले अमेरिकी अधिकारी 16 सितंबर 2025 को भारत आए थे. टैरिफ और पेनल्टी लागू होने के बाद अमेरिकी डेलिगेशन की यह दूसरी यात्रा थी, जो यह दर्शाती है कि वाशिंगटन नई दिल्ली के साथ अपने आर्थिक संबंधों को टूटने नहीं देना चाहता.
भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?
अगर यह समझौता (खासकर पहला चरण) जल्द फाइनल हो जाता है, तो यह भारतीय निर्यातकों के लिए संजीवनी का काम करेगा. जो भारतीय टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वैलरी और इंजीनियरिंग गुड्स 50% तक के टैक्स बोझ तले दबे थे, उन्हें अमेरिकी बाजार में फिर से प्रतिस्पर्धी बनने का मौका मिलेगा. यह भारत की कूटनीतिक जीत भी होगी कि उसने अपनी ऊर्जा सुरक्षा (रूसी तेल) से समझौता किए बिना अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्ते सामान्य कर लिए.
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Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें
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