Indian Export : भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील से भले ही हमें 500 अरब डॉलर का सामान अमेरिका से मंगाना पड़े, लेकिन हमारे यहां से निर्यात भी काफी बढ़ने का अनुमान है. इस डील से सबसे ज्यादा लाभ कपड़ा निर्यातकों को होने वाला है, क्योंकि अभी अमेरिका को 15 हजार करोड़ का कपड़ा निर्यात होता है, जो तीन साल में 30 हजार करोड़ के आंकड़े को भी पार कर सकता है. यह उछाल सिर्फ तिरुप्पुर से होने वाले निर्यात में दिखेगा, जबकि देश के अन्य क्षेत्रों से जाने वाला निर्यात और भी बढ़ सकता है.
भारत से अमेरिका को जाने वाला कपड़े का निर्यात तीन साल में दोगुना होगा.
देश में कपड़ा निर्यात का हब माने जाने वाले तिरुप्पुर के कपड़ा उद्योग निर्यातकों का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया समझौते के बाद अगले तीन वर्षों में अमेरिका को कपड़ों का निर्यात दोगुना होकर 30,000 करोड़ रुपये तक पहुचने की उम्मीद है. तिरुप्पुर निर्यातक संघ के अध्यक्ष के एम सुब्रमणियन ने कहा कि चेन्नई से लगभग 450 किलोमीटर पश्चिम में स्थित तिरुप्पुर में भी इस अवधि के दौरान रोजगार सृजन में लगभग पांच लाख की वृद्धि होने की उम्मीद है. इसका मतलब है कि इस डील ने 5 लाख नौकरियों के भी अवसर बनाए हैं.
5 साल में जबरदस्त बढ़ोतरी
भारत और अमेरिका ने शनिवार को घोषणा की कि उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के ढांचे को अंतिम रूप दे दिया है, जिसके तहत दोनों पक्ष दोतरफा व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करेंगे. इस समझौते पर टिप्पणी करते हुए सुब्रमणियन ने कहा कि हम इस कदम का स्वागत करते हैं. यह समझौता महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे तिरुप्पुर को अगले 5 वर्षों में जबरदस्त वृद्धि मिलेगी.
अभी 15 हजार करोड़ का है निर्यात
उन्होंने बताया कि वर्तमान में तमिलनाडु से कपड़ों का निर्यात 15,000 करोड़ रुपये का है और इस समझौते के बाद इसके अगले तीन वर्षों में 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है. सुब्रमणियन ने कहा कि भारत-अमेरिका समझौते के कारण पांच लाख और नए रोजगार पैदा होंगे. तिरुप्पुर के एक अन्य उद्यमी और स्टारलाइट एक्सपोर्टर्स के संस्थापक एम. रथिनसामी ने कहा कि इस सौदे से तमिलनाडु को अमेरिका से और अधिक ऑर्डर मिलेंगे.
बांग्लादेश को पीछे छोड़ देंगे
तिरुप्पुर निर्यातक संघ के कार्यकारी समिति सदस्य रथिनासामी ने कहा कि पहले कुछ ऑर्डर बांग्लादेश और अन्य देशों को जाते थे. इस समझौते के बाद हमें (अमेरिका से) और अधिक ऑर्डर मिलेंगे. यह समझौता सीधे तौर पर बांग्लादेश के लिए भी बड़ा झटका है. बांग्लादेश पर इससे पहले कम टैरिफ होने की वजह से अमेरिका के कई ऑर्डर वहां से जाते थे, जबकि अब भारत पर टैरिफ बांग्लादेश से भी कम हो गया है. लिहाजा आने वाले समय में अमेरिका से ज्यादा ऑर्डर मिलने का अनुमान है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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