Expressway Block : महाराष्ट्र का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे अगले 10 दिनों के लिए ब्लॉक किया जा रहा है. इस दौरान एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा उपकरणों को लगाया जाएगा और इसे तकनीकी रूप से ज्यादा अपडेट किया जाएगा. इस अपडेशन के बाद एक्सप्रेसवे पर यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ जाएंगी, जिसका फायदा आम आदमी को होगा.
समृद्धि एक्सप्रेसवे को 9 फरवरी से 18 फरवरी तक बंद रखा जाएगा.
स्टेट रोड कॉरपोरेशन के अनुसार, समृद्धि एक्सप्रेसवे पर जालना जिले के बल्हुधना-लोणार, देऊलगांव राजा और सिंधखेड राजा मार्ग के 300.4 किमी से 365.8 किमी के बीच की सड़क को ब्लॉक किया जाएगा. यह ट्रैफिक ब्लॉक 9 फरवरी से 18 फरवरी तक रखा जाएगा. इस दौरान समृद्धि हाईवे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत स्पीड मॉनिटरिंग, नियमों का पालन, दुर्घटनाओं की रिपोर्टिंग और आपातकालीन सेवाओं की त्वरित प्रतिक्रिया के लिए गैन्ट्री लगाई जाएंगी.
10 चरणों पर पूरा होगा काम
समृद्धि एक्सप्रेसवे पर यह कार्य 10 चरणों में किया जाएगा, जिसमें हर चरण में हाईवे के एक तरफ का रास्ता अस्थायी रूप से बंद रहेगा. मुंबई या नागपुर की ओर जाने वाले ट्रैफिक को एक बार में 50-60 मिनट के लिए पूरी तरह रोका जाएगा. हर चरण का काम पूरा होने के बाद ट्रैफिक फिर से शुरू कर दिया जाएगा. कुल मिलाकर, हाईवे पर 21 चरणों में गैन्ट्री लगाने की योजना है.
यात्रियों के लिए क्या विकल्प, बदलाव से क्या फायदा
- संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाएं.
- जहां तक संभव हो, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें.
- सुरक्षा के लिए हाईवे अधिकारियों और ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें.
- अपडेट के बाद बेहतर स्पीड मॉनिटरिंग और दुर्घटना रिपोर्टिंग के जरिए हाईवे की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी.
- आपातकालीन सेवाओं की प्रतिक्रिया समय और तेज होगी.
- समृद्धि हाईवे पर यात्रियों के लिए लंबे समय तक सफर और भी सुगम और सुरक्षित रहेगा.
- MSRDC और ट्रैफिक अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस दौरान सहयोग करें ताकि काम सुरक्षित और समय पर पूरा किया जा सके.
क्या है समृद्धि एक्सप्रेसवे की खासियत
यह एक्सप्रेसवे मुंबई को नागपुर से जोड़ता है, जो देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में गिना जाता है. इसकी लंबाई 701 किलोमीटर की है, जो महाराष्ट्र का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे भी है. फिलहाल इसे 6 लेन का बनाया गया है, जिसे बाद में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है. इसकी चौड़ाई समतल इलाकों में 120 मीटर तो पहाड़ी जगहों पर 90 मीटर की है. पहली मुंबई से नागपुर जाने में करीब 16 घंटे का समय लगता था, लेकिन अब यह दूरी महज 7 से 8 घंटे में पूरी हो जाती है. यह देश का पहला एक्सप्रेसवे है, जिस पर अधिकतम स्पीड 150 किलोमीटर प्रति घंटे की है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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