अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन ने 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का आदेश जारी किया. इसका मतलब यह है कि अगर किसी प्रोडक्ट पर पहले 5% ड्यूटी थी, तो अब कुल टैक्स 15% हो जाएगा. पहले यही ड्यूटी 5% के साथ 25% जोड़कर 30% तक पहुंच जाती थी. अगर 15% वाला नया आदेश आता है, तो कुल ड्यूटी 20% हो जाएगी. फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के महानिदेशक अजय सहाई ने कहा कि अभी 10% लागू है, लेकिन 15% का आदेश कभी भी आ सकता है. ट्रेड कम्युनिटी बेहद अनिश्चितता में है.
150 दिन बाद क्या होगा, किसी को नहीं पता
एक्सपोर्टर्स के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि 150 दिन बाद क्या होगा. अभी कोई क्लैरिटी नहीं है कि टैरिफ खत्म होंगे या नए सिरे से बढ़ेंगे. टेक्नोक्राफ्ट इंडस्ट्रीज के संस्थापक शरद कुमार सराफ (Sharad Kumar Saraf) ने कहा कि अब इस टैरिफ ड्रामा पर पर्दा गिरना चाहिए. अमेरिका भारतीय निर्यातकों के लिए बेहद अहम बाजार है और इस तरह की अनिश्चितता बिजनेस सेंटिमेंट को नुकसान पहुंचाती है.
फुटवियर और लेदर सेक्टर को राहत की उम्मीद
फ्लोरेंस शू कंपनी के चेयरमैन अकील पनारुना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अब टैरिफ 10 से 15% रेंज में रहने की उम्मीद है, जिससे ग्लोबल सोर्सिंग में प्रिडिक्टेबिलिटी लौटेगी. उनका कहना है कि फुटवियर और लेदर जैसे लेबर इंटेंसिव सेक्टर में स्थिर टैरिफ बेहद जरूरी होता है, क्योंकि प्रोडक्ट डेवलपमेंट साइकिल लंबा और मार्जिन बेहद टाइट होता है. उन्होंने कहा कि भारत अब भी अमेरिकी ब्रांड्स के लिए एक मजबूत सोर्सिंग हब बना हुआ है, क्योंकि यहां स्किल्ड वर्कफोर्स, बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और सप्लाई चेन की स्थिरता मौजूद है.
सीफूड और अन्य सेक्टर के लिए नई मौके की उम्मीद
सीएनबीसी टीवी18 की एक खबर के अनुसार, कोलकाता की मेगा मोडा के एमडी योगेश गुप्ता ने कहा कि 10% टैरिफ से अमेरिकी बाजार में शिपमेंट बढ़ाने में मदद मिलेगी. उनका कहना है कि अगर 15% की अनिश्चितता खत्म होती है, तो एक्सपोर्टर्स को ज्यादा स्पष्ट तस्वीर मिलेगी और वे ऑर्डर बढ़ा सकेंगे.
ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी को सुप्रीम कोर्ट का झटका
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते ट्रंप के व्यापक टैरिफ को अवैध करार दिया और कहा कि राष्ट्रपति ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकनॉमिक पावर एक्ट का गलत इस्तेमाल किया. यह फैसला ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की आर्थिक रणनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
भारत पर 50% टैरिफ कैसे लगा था
अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारत पर 25% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था. इसके बाद रूस से कच्चा तेल खरीदने पर अतिरिक्त 25% लगाया गया, जिससे कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया. हाल ही में दोनों देशों ने अंतरिम ट्रेड डील के लिए फ्रेमवर्क पर सहमति बनाई थी, जिसमें टैरिफ को 18% तक लाने की बात थी. लेकिन अभी कानूनी दस्तावेज तैयार नहीं हुआ है और भारतीय टीम की अमेरिका यात्रा भी टल गई है.
अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर
2021 से 2025 के दौरान अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर रहा. अमेरिका भारत के कुल निर्यात का लगभग 18%, आयात का 6.22% और कुल द्विपक्षीय व्यापार का 10.73% हिस्सा है. 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 186 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात 86.5 अरब डॉलर और आयात 45.3 अरब डॉलर था.
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