यह बदलाव ऐसे दौर में हुआ है जब माइक्रोसॉफ्ट के Xbox बिजनेस पर बढ़ती लागत और कॉम्पिटिशन का दबाव साफ दिख रहा है. हाल की रिपोर्ट बताती है कि दिसंबर तिमाही में गेमिंग का रेवेन्यू करीब 9.5 प्रतिशत गिर गया, ऊपर से टैरिफ और बढ़ती लागत की वजह से एक्सबॉक्स हार्डवेयर के दाम भी बढ़ाने पड़े. कंपनी ने 2023 में एक्टिविजन ब्लिजार्ड को 69 अरब डॉलर में खरीदा था, जिससे गेमिंग बाजार में उसकी ताकत तो बढ़ी लेकिन अभी भी इंटीग्रेशन का काम चल रहा है. इसके अलावा कंज्यूमर का खर्च अनिश्चित होने से बिजनेस पर भी असर पड़ रहा है. माना जा रहा है कि AI और प्लेटफॉर्म एक्सपीरियंस में विशेषज्ञ आशा शर्मा अब कंपनी की नई रणनीति को मजबूत दिशा देंगी.
कौन हैं आशा शर्मा?
आशा शर्मा ग्लोबल टेक इंडस्ट्री की अनुभवी लीडर हैं, माइक्रोसॉफ्ट में उन्होंने एआई प्लेटफॉर्म और प्रोडक्ट लीडरशिप संभाली है, जबकि पहले इंस्टाकार्ट की सीओओ रहीं और मेटा में प्रोडक्ट रोल किया. उन्होंने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा के कार्लसन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से बिजनेस की पढ़ाई की है. भारतीय मूल की आशा शर्मा का करियर तेजी से बढ़ते टेक प्लेटफॉर्म्स को स्केल करने और बड़ी टीमों को लीड करने पर फोकस रहा है.
फिल स्पेंसर ने माइक्रोसॉफ्ट का छोड़ा साथ
फिल स्पेंसर ने लगभग 40 साल तक माइक्रोसॉफ्ट में काम किया और एक्सबॉक्स ब्रांड को पूरी दुनिया में मशहूर बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई. कंपनी ने बताया कि वो इस जून तक एडवाइजरी रोल में बने रहेंगे, ताकि नई लीडरशिप को संभालने में सब कुछ आसानी से हो जाए और कोई दिक्कत न आए.
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने कही ये बात
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने कहा नडेला ने कहा, ‘पिछले दो सालों में माइक्रोसॉफ्ट में और पहले इंस्टाकार्ट तथा मेटा में आशा शर्मा ने अरबों लोगों तक पहुंचने वाली सर्विसेज बनाईं और स्केल कीं. ये कंज्यूमर और डेवलपर इकोसिस्टम को सपोर्ट करती हैं.’ इसके अलावा आशा शर्मा ने कहा कि वो एक्सबॉक्स कंसोल पर फोकस बढ़ाएंगी और कोर एक्सबॉक्स फैंस और प्लेयर्स के प्रति कमिटमेंट को फिर से मजबूत करेंगी. उन्होंने कहा, ‘हम पिछले 25 साल से हमारे साथ निवेश करने वाले कोर एक्सबॉक्स फैंस और प्लेयर्स के प्रति कमिटेड रहेंगे. साथ ही उन डेवलपर्स के प्रति भी जो दुनिया भर के प्लेयर्स के लिए सारे यूनिवर्स और एक्सपीरियंस बनाते हैं.’
आजकल गेमिंग हर डिवाइस पर फैल गया है, किसी एक हार्डवेयर तक सीमित नहीं. पीसी, मोबाइल और क्लाउड पर फैलते हुए एक्सबॉक्स को सीमलेस, इंस्टेंट और हमारी कम्युनिटीज के लायक महसूस होना चाहिए. आशा शर्मा ने ये भी कहा कि वो बैरियर्स तोड़ेंगी ताकि डेवलपर्स एक बार बनाकर हर जगह प्लेयर्स तक पहुंचा सकें बिना किसी समझौते के. माइक्रोसॉफ्ट ने मैट बूटी को एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और चीफ कंटेंट ऑफिसर बनाया है. वो भी आशा को रिपोर्ट करेंगे. सत्या नडेला ने कहा कि मैट के नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग में 40 स्टूडियोज फैल गए हैं इसमें एक्सबॉक्स, बेथेस्डा, एक्टिविजन ब्लिजार्ड और किंग शामिल है. यहां हेलो, द एल्डर स्क्रोल्स, कॉल ऑफ ड्यूटी, वर्ल्ड ऑफ वॉरक्राफ्ट, डायब्लो, कैंडी क्रश और फॉलआउट जैसे पॉपुलर फ्रैंचाइजी हैं.
माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग के लिए नया अध्याय
फिल स्पेंसर का कहना है, ‘1988 में जून में इंटर्न के तौर पर माइक्रोसॉफ्ट के दरवाजे से अंदर कदम रखा तो कभी सोचा नहीं था कि मैं कौन से प्रोडक्ट्स बनाऊंगा, किन प्लेयर्स और कस्टमर्स को सर्व करेंगे या कितनी शानदार टीम्स जॉइन करूंगा. ये एक महाकाव्य सफर रहा और जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान.’ उन्होंने अशा का स्वागत किया और कहा कि पिछले कई महीनों से उनके साथ काम करके उन्हें भरोसा है. ये बदलाव माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग के लिए नया अध्याय है.
माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग अभी कई मुश्किलों से घिरा हुआ है. कंसोल मार्केट में माइक्रोसॉफ्ट को सोनी के प्लेस्टेशन से अभी भी कड़ी टक्कर मिल रही है, खासकर एक्सक्लूसिव गेम्स और मार्केट शेयर के मामले में. इसी दौरान कंपनी ने मैट बूटी को चीफ कंटेंट ऑफिसर बना दिया है, जबकि एक्सबॉक्स की प्रेसिडेंट और सीओओ सारा बॉन्ड कंपनी छोड़ रही हैं. एनालिस्ट्स को लगता है कि आशा शर्मा एक्सबॉक्स एवरीवेयर रणनीति पर जोर देंगी, जिसमें एआई से गेम सर्च, यूजर एंगेजमेंट और डेवलपर टूलिंग को मजबूत किया जाएगा. आने वाले दिनों में यही तय करेगा कि एक्सबॉक्स की दिशा कहां जाती है.
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