भारत की जीडीपी अगले वित्त वर्ष में 6.4 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है. रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा है कि घरेलू खपत, नीतियों और मजबूत बैंकिंग सिस्टम की वजह से जी-20 देशों में भारत सबसे तेज बढ़ेगा.
भारतीय अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है.
मूडीज ने कहा कि बैंकिंग सिस्टम की परिसंपत्ति गुणवत्ता मजबूत रहेगी, हालांकि एमएसएमई सेक्टर में थोड़ा दबाव आ सकता है. इसके बावजूद, बैंकों के पास लोन नुकसान को झेलने के लिए पर्याप्त रिजर्व है. मूडीज ने कहा कि मजबूत आर्थिक हालात और सुधारों की वजह से 2026 में बैंकों का कामकाज अच्छा रहेगा. मूडीज ने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी 6.4 प्रतिशत रहेगी, जो घरेलू खपत और नीतियों की वजह से जी-20 देशों में सबसे तेज होगी.’
भारतीयों की क्रय शक्ति बढेगी
रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘सितंबर 2025 में जीएसटी में बदलाव और इससे पहले इनकम टैक्स की सीमा बढ़ने से लोगों की खरीदने की क्षमता बढ़ेगी और खपत आधारित ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा.’ मूडीज का यह अनुमान वित्त मंत्रालय की आर्थिक समीक्षा में बताए गए 6.8-7.2 प्रतिशत से कम है. सरकारी अनुमान के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष (2025-26) में भारत की ग्रोथ 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो 2024-25 में 6.5 प्रतिशत थी.
काबू में रही महंगाई तो घटेगी ब्याज दर
मूडीज ने कहा कि अगर महंगाई कंट्रोल में रही और ग्रोथ अच्छी रही, तो भारतीय रिजर्व बैंक 2026-27 में पॉलिसी में ढील तभी देगा जब आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती दिखेगी. आरबीआई ने 2025 में अपनी पॉलिसी रेट में 1.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 5.25 प्रतिशत कर दिया है. मूडीज के मुताबिक, पूरे बैंकिंग सिस्टम में लोन ग्रोथ वित्त वर्ष 2026-27 में थोड़ा बढ़कर 11-13 प्रतिशत रह सकती है, जो 2025-26 में 10.6 प्रतिशत थी. कुल मिलाकर, मूडीज की यह रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि भारत वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच एक ‘ब्राइट स्पॉट’ बना हुआ है और आने वाले वर्षों में भी दुनिया का ग्रोथ इंजन बना रहेगा.
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