90 वर्षीय वेंकटचलम वी. अय्यर दशकों से केनरा बैंक की नागपुर की एक शाखा के ग्राहक हैं. उन्हें बैंक मैनेजर ने अपनी बातों के जाल में फंसाकर ₹2 लाख सालाना प्रीमियम वाली लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी थमा दी. इस उम्र में, जहां व्यक्ति को शांति और सुरक्षा की जरूरत होती है, वहां उनके जीवन भर की गाढ़ी कमाई पर ‘टारगेट’ का वार किया गया. परिवार का आरोप है कि मैनेजर ने अय्यर के दशकों पुराने भरोसे का गला घोंटा. बुजुर्ग को यह अहसास कराया गया कि यह पॉलिसी “अत्यंत आवश्यक” और “अर्जेंट” है. खास बात यह है कि यह पॉलिसी 2124 में मैच्योर होनी थी. यानी 99 साल बाद.
ऐसे खुला मामला
एक्स यूजर साकेत आर ने इस पूरे मामले को सार्वजनिक किया. उन्होंने एक पोस्ट में बताया कि वेंकटचलम वी अय्यर, उनकी पत्नी के दादा हैं और कई दशकों से केनरा बैंक की एक शाखा के ग्राहक हैं. पिछले साल फरवरी में बैंक मैनेजर ने बुजुर्ग के भरोसा का नाजायज फायदा उठाते हुए उनके नाम दो लाख रुपये सालाना प्रीमियम वाली एक पॉलिसी कर दी. पहली किस्त के रूप में ₹2 लाख रुपये बैंक ने अय्यर के खाते से काट लिए. मामला तब सामने आया जब दूसरी किस्त को लेकर बैंक का मिला. तब वे घबरा गए और परिवार को इसकी जानकारी दी. और परिवार को जानकारी दी.
ताक पर रखे कायदे-कानून
इस मामले में जो सबसे डरावना पहलू सामने आया, वह है नियमों को दरकिनार करने की सोची-समझी साजिश. चूंकि 90 साल की उम्र में बीमा मिलना नामुमकिन है, इसलिए बैंक मैनेजर ने कथित तौर पर एक ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया. पहले बुजुर्ग को बेटी के साथ ज्वाइंट अकाउंट खोलने को कहा गया, और फिर चालाकी से बेटी को “लाइफ एश्योर्ड” बना दिया गया, जबकि प्रीमियम का भुगतान 90 वर्षीय पिता के खाते से करवाया गया.
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि यह पॉलिसी वर्ष 2124 में मैच्योर होने वाली थी. यानी, जिस व्यक्ति की उम्र आज 90 साल है, उसे 100 साल बाद मिलने वाले लाभ का सपना दिखाकर लूट लिया गया. साकेत के अनुसार, अय्यर को शाखा प्रबंधक पर भरोसा था और “उस भरोसे का दुरुपयोग किया गया.” उन्होंने कहा, “उम्र अधिक होने और वित्तीय जानकारी की कमी के कारण, और मैनेजर पर भरोसे की वजह से, उन्होंने बिना पूरी तरह समझे हामी भर दी.”
दबाव में आया बैंक
पोस्ट वायरल होने के बाद कुछ घंटों बाद केनरा बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख और शाखा प्रबंधक रविवार को अय्यर से मिले और मामले का तुरंत समाधान करने का भरोसा दिलाया. साकेत ने बताया कि उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर राशि वापस कर दी जाएगी.
सोशल मीडिया यूजर्स ने इस मामले में कई गंभीर तकनीकी खामियां पकड़ी हैं. एक यूजर ने लिखा कि बीमा पॉलिसी लेने की अधिकतम आयु 80 वर्ष होती है, फिर 90 साल के व्यक्ति के पैसे का इस्तेमाल कर पॉलिसी कैसे जारी की गई? यह सीधे तौर पर IRDAI और आरबीआई के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है.
बैंक ने की लीपापोती
केनरा बैंक की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी किसी ‘कॉर्पोरेट लीपापोती’ से कम नहीं है. केनरा बैंक ने साकेत की पोस्ट पर जवाब देते हुए लिखा, “हाय साकेत, आपको हुई असुविधा के लिए खेद है. हम इसे संबंधित टीम को भेज रहे हैं. साथ ही आपसे अनुरोध है कि सार्वजनिक मंच पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें.” हालांकि बैंक ने अपने सार्वजनिक जवाब में मिस-सेलिंग या उम्र के अनुपयुक्त बीमा बिक्री के आरोपों पर सीधे कुछ नहीं कहा.
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