Highway Alert Technich : एनएचएआई ने देश के हाईवे पर आवारा पशुओं की वजह से होने वाले हादसों पर रोक लगाने के लिए गजब की तकनीक शुरू की है. यह ड्राइवर्स को पहले ही आवारा पशुओं के बारे में सूचना भेज देगी.
एनएचएआई ने बताया कहा कि यह पायलट परियोजना जयपुर-आगरा और जयपुर-रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारे पर चालू की गई है. इस पहल के तहत रिलायंस जियो ने अपने प्लेटफॉर्म को एडवांस्ड बनाया है, ताकि वास्तविक समय में आवारा पशु से संबंधित सुरक्षा अलर्ट देशभर में उपलब्ध कराए जा सकें. पिछले महीने एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर दूरसंचार आधारित सुरक्षा अलर्ट प्रणाली शुरू करने के लिए रिलायंस जियो के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे. इस पहल का मकसद खासतौर पर कोहरे और कम दृश्यता वाली स्थितियों में आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है.
कैसे काम करती है तकनीक
एनएचएआई ने कहा कि पायलट परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर गुजरने वाले लोगों को उच्च जोखिम वाले हिस्सों से करीब 10 किलोमीटर पहले स्थान-आधारित अलर्ट भेजे जाएंगे, जिससे वाहन चालकों को सावधानी बरतने के लिए पर्याप्त समय मिल सके. यात्रियों तक प्रभावी ढंग से संदेश पहुंचाने के लिए पहले फ्लैश एसएमएस और उसके बाद वॉयस अलर्ट जारी किया जाएगा. फ्लैश एसएमएस हिंदी में होगा जिसमें जिक्र होगा कि ‘आगे आवारा पशुओं से ग्रस्त क्षेत्र है. कृपया धीरे और सावधानी से चलें.’
30 मिनट में सिर्फ एक बार आएगा अलर्ट
बार-बार संदेश आने से बचाने के लिए एक ही उपयोगकर्ता को 30 मिनट के भीतर दोबारा अलर्ट नहीं भेजा जाएगा. इसका मतलब है कि ड्राइवर को 30 मिनट में सिर्फ एक बार ही अलर्ट भेजा जाएगा. ये अलर्ट ऐतिहासिक दुर्घटना आंकड़ों और जमीनी स्तर से मिले इनपुट के आधार पर चिन्हित आवारा पशु-संभावित क्षेत्रों में जारी किए जाएंगे और इन्हें उन्नत दूरसंचार ढांचे के जरिये यात्रियों तक पहुंचाया जाएगा. इसका मकसद यात्रियों को ऐसी किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाना है.
जल्द ही देशभर में लागू होगा प्रोजेक्ट
एनएचएआई ने कहा कि पायलट परियोजना के परिणामों के आधार पर इसे आवारा पशुओं से प्रभावित देश के अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने की संभावना पर विचार किया जाएगा. फिलहाल इसे टेस्ट के लिए दो हाईवे पर लागू किया गया है और अगर यहां तकनीक सफल रहती है तो अन्य राजमार्गों पर भी इसे लागू किया जाएगा. इसका मकसद देशभर में आवारा पशुओं की वजह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाना है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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