देश में पुरानी और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई तेज हो गई है. सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि 30 जनवरी 2026 तक 4.3 लाख से ज्यादा वाहन स्क्रैप किए जा चुके हैं. सरकार का कहना है कि वाहन स्क्रैपिंग नीति से न केवल वायु प्रदूषण घटेगा, बल्कि सड़क सुरक्षा बेहतर होगी और ऑटो सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी. फिलहाल 21 राज्यों में 129 स्क्रैपिंग सेंटर सक्रिय हैं.
केंद्र सरकार की वाहन स्क्रैपिंग नीति का मकसद सड़कों से उन गाड़ियों को हटाना है जो अत्यधिक प्रदूषण फैलाती हैं और सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं. सरकार का मानना है कि यह नीति पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ सड़क सुरक्षा को भी मजबूत करेगी.
स्क्रैपिंग के आंकड़े और मौजूदा स्थिति
नितिन गडकरी ने संसद को बताया कि यह अभियान पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है. अब तक स्क्रैप की गई गाड़ियों में निजी और व्यावसायिक दोनों तरह के वाहन शामिल हैं, जिन्हें तय मानकों के आधार पर अनुपयुक्त घोषित किया गया था.
स्क्रैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
मंत्री ने जानकारी दी कि फिलहाल देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 129 रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी सक्रिय हैं. इन केंद्रों पर पुरानी गाड़ियों को सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया जाता है, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और रिसाइकिलिंग को बढ़ावा मिले.
प्रदूषण और सड़क सुरक्षा पर असर
सरकार के मुताबिक पुरानी गाड़ियां नए वाहनों की तुलना में 10 से 12 गुना ज्यादा प्रदूषण फैलाती हैं. इन्हें सड़कों से हटाने से वायु गुणवत्ता में सुधार होगा, ईंधन की बचत होगी और तकनीकी रूप से असुरक्षित वाहनों के कारण होने वाले सड़क हादसों में भी कमी आएगी.
वाहन मालिकों और राज्यों को प्रोत्साहन
वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत पुराने वाहन स्क्रैप कराने वाले मालिकों को नए वाहन की खरीद पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट दी जा रही है. इसके अलावा केंद्र सरकार राज्यों को भी प्रोत्साहन राशि दे रही है ताकि वे इस नीति को प्रभावी तरीके से लागू कर सकें.
अर्थव्यवस्था और ऑटो सेक्टर को फायदा
सरकार का मानना है कि स्क्रैपिंग नीति से ऑटोमोबाइल सेक्टर में नई गाड़ियों की मांग बढ़ेगी. साथ ही स्क्रैप किए गए वाहनों से निकलने वाले स्टील, प्लास्टिक और रबर जैसे कच्चे माल का दोबारा इस्तेमाल होने से मैन्युफैक्चरिंग लागत में भी कमी आएगी.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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