NPS Investment : पीएफआरडीए ने एनपीएस में निवेश करने वालों को बड़ा तोहफा देने की योजना बनाई है. पेंशन नियामक ने एनीपीएस में ज्यादा रिटर्न दिलाने और जोखिम कम करने के लिए 9 एक्सपर्ट की टीम बनाई है.
पीएएफआरडीए ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत निवेश रूपरेखा की समीक्षा, सिफारिश और आधुनिकीकरण के लिए रणनीतिक परिसंपत्ति आवंटन और जोखिम प्रबंधन (एसएएआरजी) को लेकर निवेश विशेषज्ञों की 9 सदस्यीय समिति का गठन किया है. मॉर्गन स्टेनली इंडिया के पूर्व क्षेत्रीय प्रमुख और सीईओ नारायण रामचंद्रन की अध्यक्षता वाली इस समिति को मौजूदा एनपीएस निवेश दिशानिर्देशों की व्यापक समीक्षा करने और उनकी तुलना प्रमुख वैश्विक पेंशन प्रणालियों तथा विकसित हो रहे भारतीय निवेश परिवेश से करने का कार्य सौंपा गया है.
क्या है इस समिति का मकसद
पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने बताया कि इसका उद्देश्य दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति धन सृजन को बढ़ावा देने, विविधीकरण को बढ़ाने, जोखिम प्रबंधन में सुधार करने और ग्राहकों के लिए विकल्पों का विस्तार करने के लिए एनपीएस की निवेश संरचना को मजबूत करना है. समिति के कार्यक्षेत्र में रणनीतिक परिसंपत्ति आवंटन रूपरेखा की जांच, परिसंपत्ति वर्गों का परिचय और समीक्षा, प्रदर्शन का आकलन और जवाबदेही व्यवस्था, वैकल्पिक निवेशों के लिए मूल्यांकन मानक, कामकाज और मध्यस्थ संरचना तथा निवेश निर्णय लेने में स्थिरता संबंधी विचारों का एकीकरण शामिल है.
टीम में बड़े-बड़े एक्सपर्ट के नाम
समिति के सदस्यों में सेबी के पूर्व पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण, मोतीलाल ओसवाल के सह-संस्थापक रामदेव अग्रवाल, डीएसपी म्यूचुअल फंड के प्रबंध निदेशक और सीईओ के पारेख और फर्स्ट ग्लोबल की संस्थापक और सीएमडी देवना मेहरा और पीएफआरडीए के कार्यकारी निदेशक अशोक कुमार सोनी शामिल हैं. समिति को अपनी सिफारिशों के साथ पीएफआरडीए को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 9 महीने का समय दिया गया है.
एनपीएस में कौन कर सकता है निवेश
एनपीएस को शुरुआत में सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू किया गया था. यह व्यवस्था ओपीएस खत्म होने के बाद लागू की गई थी. बाद में इसे आम निवेशकों के लिए भी खोल दिया गया. फिलहाल एनपीएस के तहत करोड़ों खाते खोले जा चुके हैं, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के अलावा सामान्य नागरिक भी शामिल हैं. इसमें जमा रकम के प्रबंधन और निवेश का जिम्मा पीएफआरडीए को सौंपा गया है. यह रकम शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज और डेट में निवेश की जाती है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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