पीयूष गोयल ने कहा कि यह एक बदलती हुई स्थिति है. ट्रंप प्रशासन ने कुछ टिप्पणियां की हैं, उनके पास और भी विकल्प हैं जिनका वे इस्तेमाल कर सकते हैं. अगले हफ्ते वे इसे 15% तक बढ़ा सकते हैं. कई तरह की बातचीत चल रही है. मैंने कहा था कि अगर हालात बदलते हैं तो समझौते को फिर से संतुलित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मैं भरोसा दिलाता हूं कि अमेरिका के साथ समझौते में कई सकारात्मक बातें हैं, देखते हैं आगे स्थिति कैसे बढ़ती है. अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौता प्रतिस्पर्धात्मक लाभ पर आधारित होता है.
आत्मनिर्भरता से वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा भारत
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अनस्टॉपेबल है, जो आत्मनिर्भरता से वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है. दुनिया का कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय व्यापार, साझेदारी और रणनीतिक गठबंधनों के बिना विकसित राष्ट्र नहीं बना है. भारत अब ग्लोबल साउथ की आवाज बन चुका है. 2021-22 से हमने विकसित देशों के साथ साझेदारी बनाना शुरू किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रणनीति थी कि विकसित देशों के साथ मजबूती की स्थिति से संवाद किया जाए. इस रणनीति से व्यापारिक साझेदारों के साथ मजबूत और फायदेमंद रिश्ते जल्दी बन गए. इसी रणनीति के तहत हमने 38 विकसित अर्थव्यवस्थाओं को कवर किया. इन व्यापारिक साझेदारियों में भी हमने अपने एमएसएमई, मछुआरों और किसानों की सुरक्षा की है.
एग्री प्रोडक्ट पर कोई समझौता नहीं
गोयल ने कहा कि डेयरी, मक्का, सोयाबीन और पोल्ट्री को अमेरिकी व्यापार समझौते से छूट दी गई है. हमने किसानों और डेयरी के हितों की रक्षा की है. कोई जीएम खाद्य उत्पाद भारत में नहीं आएगा. यह समझौता हमारे हितों की रक्षा करता है. यह एक बदलती हुई स्थिति है. अगर परिस्थितियां बदलती हैं, तो समझौता फिर से संतुलित किया जाएगा. यह व्यापार समझौता प्रतिस्पर्धात्मक लाभ के बारे में है. 50% टैरिफ पर हम बहुत बड़ी असुविधा में थे. व्यापार समझौता लेदर, टेक्सटाइल, डायमंड, फार्मा, स्मार्टफोन जैसे श्रम आधारित क्षेत्रों के लिए दरवाजे खोल सकता था. अब हम इसके लिए ज्यादा बेहतर स्थिति में हैं.
नए अवसर बना रहा एआई
गोयल ने कहा कि एआई बहुत सारे नए अवसरों के द्वार खोलेगा, कुछ लोग सिर्फ नौकरी जाने पर ही ध्यान दे रहे हैं. एआई उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद होगा. हमारे युवा पूरी दुनिया को टैलेंट देंगे, साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा जैसे नए तरह के रोजगार सामने आएंगे. इसकी चुनौतियों पर ही सिर्फ ध्यान देना सही नहीं होगा, इसके और भी आयाम हैं. बहुत सा अनुसंधान और विकास (R&D) पर खर्च दर्ज नहीं होता है. पहले की सरकारों ने नवाचार को समर्थन नहीं दिया था. भारत अभी अनुसंधान और विकास (R&D) के फायदों को पूरी तरह नहीं पहचान पाया है. लिहाजा हमारा जोर खोज और विकास पर है और इसके लिए फंड भी जारी किया जा रहा है.
बहुत पसंद है राइजिंग भारत
गोयल ने राइजिंग भारत कार्यक्रम पर खुशी जताते हुए कहा कि यहां आकर बहुत खुशी और गर्व महसूस हो रहा है. मुझे आपका टाइटल ‘राइजिंग भारत’ बहुत पसंद आया. हमें दुनिया के साथ संवाद करना जरूरी है. भारत अब ग्लोबल साउथ की आवाज बन चुका है. हमने यह सम्मान कमाया है. हॉवर्ड लुटनिक से मुलाकात पर कहा कि अमेरिका हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण व्यापारिक और रणनीतिक साझेदार है. विकास के लिए हमें और तकनीक की जरूरत होगी. हमने सभी एमएसएमई के अधिकारों की रक्षा की है. हमने किसानों के अधिकारों की भी रक्षा की है. अमेरिका के साथ हुए समझौते से हमें कई फायदे मिले हैं. कम टैरिफ भारत के लिए बहुत बड़ी जीत है.
रूस से तेल खरीद पर क्या बोले गोयल
अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ता है तो क्या आप रूस से तेल खरीदेंगे? इस सवाल पर पीयूष गोयल ने कहा कि विदेश मंत्रालय इस मामले को देख रहा है. मैं विदेश मंत्रालय की सलाह पर ही चलूंगा. उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यूथ कांग्रेस के एआई समिट के खिलाफ प्रदर्शन शर्मनाक हरकत है. मुझे हैरानी नहीं होगी अगर इस प्रदर्शन को गांधी परिवार का समर्थन मिला हो. यह सबसे खराब राष्ट्रविरोधी हरकत है.
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