यह प्रोजेक्ट कुल 4.7 किलोमीटर लंबा होगा और यरवडा से लेकर खराडी और वाघोली की दिशा में नगर रोड के ऊपर बनेगा. इसकी सबसे खास बात यह है कि एक ही स्ट्रक्चर में दो लेयर होंगी. ऊपर मेट्रो ट्रेन चलेगी और नीचे 4 से 6 लेन का फ्लाइओवर होगा, जिस पर निजी वाहन, बसें, मालवाहक गाड़ियां और इमरजेंसी सेवाएं चल सकेंगी.
कौन सी एजेंसियां कर रही हैं काम
इस प्रोजेक्ट में कई सरकारी एजेंसियां शामिल हैं. मेट्रो रेल वाले हिस्से की जिम्मेदारी महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी महा मेट्रो (MahaMetro) के पास होगी. शहरी प्लानिंग और इंटीग्रेशन का काम पुणे नगर निगम (PMC) देखेगा, जबकि फ्लाइओवर और सड़क से जुड़ा निर्माण महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) के जिम्मे होगा.
ट्रैफिक और प्रदूषण में कितनी राहत
अभी यरवडा से खराडी या वाघोली तक पीक टाइम में 45 से 60 मिनट लग जाते हैं. प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद यही सफर 15 से 20 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है. इससे न सिर्फ समय बचेगा बल्कि ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी. लगातार रेंगते ट्रैफिक की वजह से जो कार्बन उत्सर्जन होता है, उसमें भी बड़ी गिरावट आने की संभावना है.
आईटी कॉरिडोर को मिलेगा बड़ा फायदा
नगर रोड पुणे के प्रमुख आईटी और बिजनेस इलाकों से जुड़ी है. खराडी, ईओएन फ्री जोन, मगरपट्टा, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जैसे बड़े रोजगार केंद्र इसी रोड पर हैं. डबल डेकर मेट्रो और फ्लाइओवर बनने से इन इलाकों में काम करने वाले लाखों लोगों की रोजमर्रा की यात्रा आसान होगी. इससे शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी रफ्तार मिलेगी.
लागत और टाइमलाइन क्या हो सकती है
फिलहाल यह प्रोजेक्ट डीपीआर यानी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट के स्टेज पर है, जिसे 2026 में फाइनल किए जाने की उम्मीद है. निर्माण कार्य 2027 या 2028 में शुरू हो सकता है और 2030 से 2032 के बीच इसके पूरा होने का अनुमान है. लागत को लेकर आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन देश में ऐसे ही डबल डेकर प्रोजेक्ट्स की लागत को देखें तो यह करीब 1500 से 2500 करोड रुपये के बीच हो सकती है.
चुनौतियां भी कम नहीं
घनी आबादी वाले इलाके में डबल डेकर स्ट्रक्चर बनाना आसान नहीं है. जमीन अधिग्रहण, कई एजेंसियों के बीच तालमेल, पर्यावरण मंजूरी और इंजीनियरिंग से जुड़ी जटिलताएं बड़ी चुनौती होंगी. इसके बावजूद सरकार और एजेंसियों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट नगर रोड के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है.
कुल मिलाकर नगर रोड पर प्रस्तावित डबल डेकर मेट्रो और फ्लाइओवर पुणे के ट्रैफिक संकट का दीर्घकालीन समाधान बन सकता है. अगर यह योजना तय समय पर पूरी होती है, तो यह मॉडल दूसरे बड़े शहरों के लिए भी मिसाल बन सकता है.
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