अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कतर ने ‘रस लाफान’ (Ras Laffan) एलएनजी प्लांट बंद कर दिया है. यह प्लांट कुल वैश्विक एलएनजी उत्पादन में 20 फीसदी हिस्सेदारी रखता है. प्लांट बंद होने और हॉर्मूज स्ट्रेट के बंद होने की खबर से यूरोप में एलएनजी के दाम अचानक 50 फीसदी बढ़ गए.
मार्ग के रुकने से निर्यात में भारी देरी हो रही है, जिससे कतर के स्टोरेज टैंकों के पूरी तरह भरने का जोखिम बढ़ गया है.
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ब्रूगल (Bruegel) के विश्लेषक सिमोन टाग्लियापिएत्रा का मानना है कि यह घटनाक्रम ऊर्जा बाजार के लिए एक निर्णायक मोड़ है. वहीं, ऑक्सफोर्ड इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी स्टडीज के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि हॉर्मूज बाधा लंबी खिंचती है तो दुनिया को 2022 के रूस-यूक्रेन युद्ध जैसा ऊर्जा संकट फिर से झेलना पड़ सकता है.
होर्मुज से टैंकरों ने किया परहेज
बाजार में यह अस्थिरता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि अधिकांश टैंकरों ने पहले ही ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) से गुजरना बंद कर दिया था. यह जलमार्ग वैश्विक ईंधन निर्यात की जीवनरेखा माना जाता है. सप्लाई चेन टूटने के डर से कीमतों में अचानक आए इस उछाल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने एक नया संकट खड़ा कर दिया है. दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत एलएनजी निर्यात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होता है. वर्तमान में यह सबसे संवेदनशील क्षेत्र बन गया है. इस मार्ग के रुकने से निर्यात में भारी देरी हो रही है, जिससे कतर के स्टोरेज टैंकों के पूरी तरह भरने का जोखिम बढ़ गया है.
कंपनियों ने बीमा किया बंद
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के आधे से ज्यादा प्रमुख समुद्री बीमा क्लबों ने फारस की खाड़ी में जाने वाले जहाजों को ‘युद्ध जोखिम बीमा’ देना बंद करने का निर्णय लिया है. बिना बीमा के जहाजों का संचालन असंभव है, जिससे इस क्षेत्र से होने वाला शिपमेंट पूरी तरह ठप पड़ सकता है.
यूरोप और एशिया के लिए बढ़ती चुनौतियां
यद्यपि मिडिल ईस्ट से निकलने वाली एनएनजी का एक बड़ा हिस्सा एशियाई देशों में जाता है, लेकिन सप्लाई में किसी भी तरह की बाधा वैश्विक प्रतिस्पर्धा को जन्म देती है. जब कतर से आपूर्ति रुकेगी, तो एशियाई और यूरोपीय देश वैकल्पिक स्रोतों के लिए होड़ करेंगे, जिससे कीमतें और ऊपर जाएंगी.
डच फ्रंट मंथ फ्यूचर्स 45 फीसदी चढ़ा
एम्सटर्डम में यूरोप का गैस बेंचमार्क ‘डच फ्रंट मंथ फ्यूचर्स’ 45 प्रतिशत चढ़कर 46.19 यूरो प्रति मेगावॉट घंटा पर पहुंच गया है. इस बीच, क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों और अमेरिकी राष्ट्रपति के कड़े बयानों ने बाजार में अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है. यदि सैन्य अभियान हफ्तों तक चलता है, तो कतर में उत्पादन की यह बंदी वैश्विक ऊर्जा बाजार को एक ऐसे जोखिम भरे दौर में धकेल देगी जहां से वापसी मुश्किल होगी.
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