वैश्विक बाजार डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और टैरिफ फैसलों से बार-बार प्रभावित हो रहे हैं. लेकिन दिग्गज निवेशक रामदेव अग्रवाल का कहना है कि ऐसे घटनाक्रम उनकी निवेश रणनीति नहीं बदलते. उनके मुताबिक भारत और यहां की ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा ही लंबे समय के निवेश की असली ताकत है.
ट्रंप बनाम AI, भारत में रहना सबसे सुकून
CNBC TV18 के ‘The Alpha Generators for 2026’ कार्यक्रम में बोलते हुए रामदेव अग्रवाल ने कहा कि दुनिया आज आपस में इतनी जुड़ी हुई है कि ट्रंप जैसे नेताओं के फैसलों का असर जरूर पड़ता है. लेकिन एक तरफ ट्रंप की नीतियां हैं और दूसरी तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी बड़ी तकनीकी क्रांति. ऐसे में कौन सा फैक्टर कितना असर डालेगा, यह तय करना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि इसी कारण वह भारत में निवेश करना पसंद करते हैं, जहां चीजें समझ में आती हैं और सीमित लेकिन अहम कारकों के आधार पर फैसले लिए जा सकते हैं.
इक्विटी एक ‘जादुई’ एसेट क्लास
मैक्रो अनिश्चितताओं का वैल्यूएशन पर असर पड़ने के सवाल पर रामदेव अग्रवाल ने इक्विटी को एक ‘एक्जॉटिक’ यानी अनोखा एसेट क्लास बताया. उनके मुताबिक, शेयर बाजार में अनिश्चितताओं को सहने की जबरदस्त ताकत होती है. साथ ही कुछ उद्यमी ऐसे होते हैं जो जादूगर की तरह हर तरह के जोखिम से निकलकर मुनाफा कमा लेते हैं. निवेशकों का काम ऐसे उद्यमियों को पहचानना है, जो कठिन समय में भी कमाई बढ़ा सकें.
AI और IT सेक्टर को लेकर नजरिया
रामदेव अग्रवाल का मानना है कि AI के कारण भारतीय IT सेक्टर की टर्मिनल वैल्यू पहले जैसी नहीं रही. हालांकि उन्होंने AI को योग से जोड़कर दिलचस्प उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि योग भारत में पैदा हुआ, लेकिन आज अमेरिका और दूसरे देशों में ज्यादा प्रचलित है. उसी तरह AI भले ही अमेरिका या चीन में विकसित हुआ हो, लेकिन भारत इसका सबसे तेजी से और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने वाला देश बन रहा है. उनका मानना है कि भारतीय IT कंपनियां सबसे ज्यादा AI एजेंट्स विकसित करेंगी.
2026 में बाजार और सेक्टर की पसंद
कमजोर 2025 के बाद रामदेव अग्रवाल को उम्मीद है कि 2026 में बाजार बेहतर प्रदर्शन करेगा. उनका कहना है कि बीते 4–5 तिमाहियों की सुस्ती के बाद अर्निंग्स साइकिल में सुधार दिख रहा है. सरकार भी GST सुधार जैसे कदमों से अर्थव्यवस्था को सहारा दे रही है. सेक्टर की बात करें तो वह लार्जकैप शेयरों को मिड और स्मॉलकैप से बेहतर मानते हैं. PSU शेयरों को लेकर भी वह काफी सकारात्मक हैं, क्योंकि उनकी वैल्यूएशन आकर्षक है और कमाई की रफ्तार प्राइवेट सेक्टर से तेज है. इसके अलावा उन्होंने ऑटो सेक्टर में निवेश और ऑटो ETF खरीदने की सलाह दी है.
About the Author
Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.