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रेलवे ने पेंशनभोगियों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है. साइबर ठग अब रेलवे अधिकारियों के नाम पर फर्जी कॉल, वाट्सऐप मैसेज और एसएमएस भेज रहे हैं
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नई दिल्ली. साइबर ठग अब रेलवे पेंशनभोगियों को निशाना बना रहे हैं. कुछ जालसाज रेलवे अधिकारियों के नाम पर फर्जी कॉल और मैसेज भेज रहे हैं. इसे देखते हुए भारतीय रेलवे ने पेंशनर्स के लिए खास अलर्ट जारी किया है. रेलवे ने साफ कहा है कि कोई भी अधिकारी फोन, वाट्सऐप, एसएमएस या सोशल मीडिया के जरिए बैंक डिटेल, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं मांगता.
रेल मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, “यह बात सामने आई है कि कुछ साइबर जालसाज रेलवे अधिकारियों के नाम पर फर्जी फोन कॉल कर रहे हैं और एसएमएस/वाट्सऐप मैसेज भेज रहे हैं, जिसमें पीपीओ अपडेट, केवाईसी वेरिफिकेशन, अतिरिक्त पेंशन लाभ आदि के बहाने पर्सनल और फाइनेंशियल डिटेल मांगे जा रहे हैं.”
रेलवे कभी नहीं मांगता OTP या बैंक डिटेल
बयान में आगे कहा गया, “पेंशनभोगियों को सूचित किया जाता है कि रेलवे पीपीओ या सेवा रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए कोई लिंक या मैसेज नहीं भेजता है. किसी भी रेलवे अधिकारी को फोन कॉल, एसएमएस, वाट्सऐप या सोशल मीडिया के जरिए बैंक डिटेल, ओटीपी, पासवर्ड या कोई भी गोपनीय जानकारी मांगने का अधिकार नहीं है.” साथ ही कहा कि पेंशनभोगियों को सतर्क रहने और अपने परिवार के सदस्यों को भी इस संबंध में जागरूक करने की सलाह दी जाती है. किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की सूचना तुरंत पुलिस साइबर सेल और अपने एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस को दी जानी चाहिए.
रेल मंत्री ने बताया: साइबर सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए?
रेलवे लगातार धोखाधड़ी को लेकर कार्रवाई कर रहा है. संसद सत्र के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि आधार-बेस्ड ऑथेंटिकेशन, मल्टीलेवल साइबर सिक्योरिटी और धोखाधड़ी-रोधी उपायों के कारण 2025 में ट्रेन टिकट बुकिंग में 3.03 करोड़ संदिग्ध यूजर्स आईडी को निष्क्रिय कर दिया गया है, जिससे रियल यूजर्स के लिए बुकिंग सुनिश्चित हुई है.
रेल मंत्री ने बताया: साइबर सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए?
राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के ई-टिकट सिस्टम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए छह महीनों में (दिसंबर 2025) तक 6,043 करोड़ मैलिशियस बॉट रिक्वेस्ट को बॉल्क किया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा, नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर 3.99 लाख संदिग्ध बुकिंग से संबंधित 376 शिकायतें दर्ज की गई हैं और 2025 में 12,819 संदिग्ध ईमेल डोमेन को ब्लॉक किया गया है. केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, तत्काल टिकट बुकिंग में दुरुपयोग को रोकने के लिए ऑनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग हेतु आधार बेस्ड वन-टाइम पासवर्ड वेरिफिकेशन शुरू किया गया है.
साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें?
- किसी भी अनजान कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी या पासवर्ड शेयर न करें.
- अगर कोई संदिग्ध कॉल आए, तो तुरंत पुलिस साइबर सेल या अपने एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस को सूचना दें.
- अपने परिवार के बुजुर्गों को इस धोखाधड़ी के बारे में जागरूक करें.
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प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से News18Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन…और पढ़ें
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