Banking Dividend : बैंकों के लाभांश बांटने को लेकर रिजर्व बैंक ने नया नियम पेश कर दिया है, जो अगले वित्तवर्ष से लागू होगा. नए नियम के तहत सभी तरह के बैंकों के अपने कुल मुनाफे का 75 फीसदी तक लाभांश बांटने का मौका दिया जाएगा. इस नियम में ग्रामीण क्षेत्रीय बैंकों को थोड़ी रियायत दी गई और उन्हें 80 फीसदी तक लाभांश बांटने का मौका मिलेगा.
आरबीआई ने बैंकों के लाभांश पर नया नियम बनाया है.
केंद्रीय बैंक ने संबंधित पक्षों से परामर्श के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक – लाभांश की घोषणा और लाभ प्रेषण पर विवेकपूर्ण मानदंड) निर्देश, 2026 जारी कर दिए हैं. इन मानदंडों के अनुसार, लाभांश भुगतान के बाद भी बैंक की पूंजी लागू रेगुलेशन पूंजी आवश्यकता से कम नहीं होनी चाहिए. साथ ही, भारत में शाखा मोड में काम कर रहे किसी विदेशी बैंक का उस अवधि के लिए शुद्ध यानी टैक्स के बाद मुनाफा सकारात्मक होना चाहिए जिसके लिए लाभांश अपने हेड ऑफिस को भेजा जाना है.
क्या है आरबीआई की गाइडलाइन में
आरबीआई के निर्देशों में कहा गया कि एक बैंक निर्धारित सीमा तक लाभांश घोषित और भुगतान कर सकता है. लेकिन, यह सीमा कुल मिलाकर उस अवधि के शुद्ध लाभ के 75 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए जिसके लिए लाभांश प्रस्तावित किया जा रहा है. ये निर्देश अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तवर्ष से लागू हो जाएंगे. आरबीआई ने लघु वित्त बैंकों, स्थानीय क्षेत्र बैंकों, भुगतान बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए लाभांश की घोषणा पर विवेकपूर्ण मानदंड भी जारी किया है, जिसका पालन इन श्रेणी के बैंकों को करना होगा.
किस तरह के बैंकों पर होगा असर
आरबीआई के नए नियमों का असर सभी तरह के बैंकों पर होगा. इसमें सभी सरकारी और निजी कॉमर्शियल बैंकों को शामिल किया गया है. साथ ही छोटे फाइनेंस बैंक और पेमेंट बैंकों पर भी यही नियम लागू होगा और वह भी अपने कुल मुनाफे का 75 फीसदी तक ही लाभांश बांट सकेंगे. हालांकि, लोकल एरिया बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए नियमों में थोड़ी छूट दी गई है और वे अपने कुल मुनाफे का 80 फीसदी तक लाभांश अपने निवेशकों को बांट सकते हैं.
अभी क्या है आरबीआई का नियम
लाभांश बांटने को लेकर आरबीआई का मौजूदा नियम ज्यादा सख्त रहा है. कई मायनों में तो बैंकों को अपने कुल मुनाफे का 50 फीसदी तक ही लाभांश बांटने का मौका मिला है. इस लिहाज से देखा जाए तो आरबीआई का नया नियम कहीं ज्यादा लचीजा है और इसका फायदा निवेशकों को भी मिलेगा. रिजर्व बैंक ने इससे पहले जनवरी में इस नियम का मसौदा जारी कर सभी हितधारकों से इस पर राय मांगी थी.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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