भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सिस्टम में नकदी (Cash) की भारी कमी को दूर करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं. आरबीआई दो किस्तों में 1 लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां (बॉन्ड्स) खरीदेगा और साथ ही 10 अरब डॉलर की ‘स्वैप नीलामी’ भी करेगा. इन कदमों का मुख्य उद्देश्य बैंकों के पास पैसे का प्रवाह बढ़ाना है, ताकि वे आसानी से कर्ज दे सकें और बाजार में स्थिरता बनी रहे.
दरअसल, पिछले कुछ समय से भारतीय बैंकों के पास नकदी (लिक्विडिटी) की कमी देखी जा रही है. टैक्स भुगतान (GST), लोन की बढ़ती डिमांड और शादियों के सीजन में बाजार से कैश बाहर जाने के कारण बैंकों की तिजोरी खाली हो रही थी. आरबीआई के इस हस्तक्षेप के बाद बैंकों के पास पर्याप्त पैसा उपलब्ध होगा, जिससे पूरे बैंकिंग सेक्टर को राहत मिलेगी.
बैंकों के पास क्यों हुई नकदी की कमी?
विशेषज्ञों के अनुसार, सिस्टम में नकदी घटने के पीछे ये मुख्य कारण हैं
- लोन की भारी मांग: लोग और कंपनियां निवेश के लिए बैंकों से जमकर कर्ज ले रहे हैं, लेकिन उस तुलना में बैंक डिपॉजिट (जमा राशि) नहीं बढ़ रहे हैं.
- टैक्स पेमेंट का दबाव: जीएसटी और अन्य टैक्स भुगतान की वजह से पैसा लोगों के खातों से निकलकर सरकार के पास चला जाता है.
- कैश सर्कुलेशन: त्योहारों और शादियों के समय लोग बैंक से ज्यादा कैश निकालते हैं, जिससे सिस्टम में नकदी का स्तर गिर जाता है.
आप पर क्या होगा इसका असर?
आरबीआई के इस कदम का सीधा फायदा आम आदमी और निवेशकों को मिलेगा
- सस्ता हो सकता है लोन: जब बैंकों के पास भरपूर पैसा होगा, तो वे नई दरें घटा सकते हैं. इससे होम लोन और कार लोन की ब्याज दरें कम होने की उम्मीद बढ़ जाती है.
- ईएमआई (EMI) में राहत: बाजार में लिक्विडिटी बढ़ने से ब्याज दरों पर दबाव कम होता है, जिससे आपकी मौजूदा ईएमआई स्थिर रह सकती है या घट सकती है.
- शेयर बाजार में मजबूती: बाजार में नकदी बढ़ने की खबर से बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में तेजी आने की संभावना रहती है.
- रुपये को मजबूती: डॉलर-रुपया स्वैप नीलामी के जरिए आरबीआई रुपये की वैल्यू को डॉलर के मुकाबले स्थिर रखने की कोशिश कर रहा है.
(भाषा के इनपुट के साथ)
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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