Collateral Free Loan Limit: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति बैठक के बाद छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत दी है. आरबीआई ने माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज (MSE) के लिए कोलेटरल फ्री लोन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी है, अब बिना किसी गिरवी सामान के छोटे कारोबारी बैंक से दोगुनी राशि तक कर्ज ले सकेंगे. इस फैसले से उन उद्यमियों को खास फायदा होगा जिनके पास गिरवी रखने लायक संपत्ति नहीं है और जो अब तक सीमित लोन के कारण अपना बिजनेस नहीं बढ़ा पा रहे थे.
यह नया नियम माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज यानी एमएसई के लिए लागू होगा. जिन लोगों के पास ज्यादा संपत्ति या गिरवी रखने लायक चीज नहीं होती, उन्हें पहले 10 लाख तक ही आसानी से लोन मिल पाता था. अब 20 लाख तक बिना किसी गिरवी के बैंक से कर्ज ले सकेंगे. यह फैसला छोटे बिजनेस चलाने वालों के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि कई बार गिरवी न होने से लोन नहीं मिल पाता और बिजनेस बढ़ाने में दिक्कत होती है. आरबीआई का मकसद है कि छोटे उद्यमियों को ऑफिशयिल क्रेडिट आसानी से मिले, उद्यमिता को बढ़ावा मिले और आखिरी छोर तक क्रेडिट पहुंचे.
कोलेटरल फ्री लोन की सीमा 20 लाख रुपये
आरबीआई की मौद्रिक नीति स्टेटमेंट में साफ कहा गया है कि एमएसई के लिए कोलेटरल फ्री लोन की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की जा रही है. यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. मतलब 1 अप्रैल 2026 के बाद या उस तारीख पर रिन्यू होने वाले सभी लोन पर यह नया नियम चलेगा. जल्द ही इसके लिए विस्तृत निर्देश जारी कर दिए जाएंगे. गवर्नर ने कहा कि यह सीमा पहले से कुछ समय से लागू थी लेकिन कई उधारकर्ता और बैंक इसे पूरी तरह नहीं जानते थे. इसलिए अब इसे और स्पष्ट और बढ़ाकर लागू किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा छोटे बिजनेस वाले फायदा उठा सकें.
एमएसएमई सेक्टर को मिलेगा फायदा
एमएसएमई सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था का बहुत बड़ा हिस्सा है. यहां करोड़ों लोग काम करते हैं और रोजगार पैदा होता है. छोटे उद्योग जैसे दुकानें, छोटी फैक्ट्रियां, सर्विस वाले बिजनेस आदि इसी में आते हैं. माइक्रो एंटरप्राइज में प्लांट और मशीनरी में निवेश 2.5 करोड़ तक और टर्नओवर 10 करोड़ तक होता है. स्मॉल एंटरप्राइज में निवेश 25 करोड़ तक और टर्नओवर 100 करोड़ तक. इन सबके लिए अब 20 लाख तक का लोन बिना गिरवी के मिलेगा. इससे वे आसानी से मशीनरी खरीद सकेंगे, स्टॉक बढ़ा सकेंगे और बिजनेस को आगे बढ़ा सकेंगे.
यह कदम छोटे कारोबारियों की मदद करेगा और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा. पहले कई लोग गिरवी की वजह से बैंक से दूर रहते थे या महंगे साहूकारों से कर्ज लेते थे. अब औपचारिक बैंकिंग सिस्टम में ज्यादा लोग आएंगे. आरबीआई की कोशिश है कि क्रेडिट की पहुंच बढ़े और कोई पीछे न छूटे. छोटे बिजनेस वाले इस फैसले से खुश हैं क्योंकि इससे उनका बिजनेस आसानी से चल सकेगा और बढ़ भी सकेगा.
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