वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था अपनी मजबूती बरकरार रखे हुए है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा. बेहतर एक्सपोर्ट रणनीति, बैंकिंग सेक्टर की मजबूती और नए आर्थिक सुधारों के दम पर वित्त वर्ष 2025-26 में विकास की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है.
आरबीआई ने कहा कि देश ने बाहरी जोखिम को कम करने के लिए पिछले कुछ समय में तेजी से निर्यात का विविधीकरण किया है. केंद्रीय बैंक के अनुसार, भारत फिलहाल यूरोपीय संघ, खाड़ी देशों और अमेरिका सहित करीब 50 देशों के साथ व्यापार वार्ता कर रहा है ताकि वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ और मजबूत कर सके.
RBI की रिपोर्ट की 5 बड़ी बातें
1. ग्लोबल रिस्क से बचाव और नया बाजार
भारत ने बाहरी आर्थिक खतरों को कम करने के लिए अपने निर्यात (Export) के तरीकों में बदलाव किया है. वर्तमान में भारत यूरोपीय संघ, अमेरिका और खाड़ी देशों सहित करीब 50 देशों के साथ व्यापारिक समझौते (Trade Negotiations) कर रहा है, ताकि भारतीय सामान दुनिया के हर कोने तक पहुँच सके.
2. 2025-26 के लिए मजबूत अनुमान
वित्त वर्ष 2025-26 के शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल में भी भारत की विकास दर स्थिर है. दिसंबर के आंकड़ों (High-Frequency Indicators) से पता चलता है कि देश में मांग (Demand) तेजी से बढ़ रही है, जो भविष्य के लिए अच्छे संकेत हैं.
3. महंगाई पर लगाम और बैंकिंग का दम
दिसंबर में महंगाई दर में मामूली बढ़त जरूर हुई, लेकिन यह सरकार द्वारा तय की गई सीमा के भीतर है. वहीं, भारत का बैंकिंग सिस्टम अब पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित है. बैंकों के पास पर्याप्त पूंजी है और उनका मुनाफा भी बेहतर हुआ है, जिससे वे व्यापार के लिए और ज्यादा लोन दे पा रहे हैं.
4. बड़े आर्थिक सुधारों का असर
साल 2025 में हुए कई सुधार जैसे- टैक्स ढांचे को सरल बनाना (Tax Rationalization), नए लेबर कोड का लागू होना और वित्तीय क्षेत्र में उदारीकरण अब अपना असर दिखा रहे हैं. इन सुधारों से न केवल बिजनेस करना आसान हुआ है, बल्कि लंबे समय के लिए ग्रोथ के रास्ते भी खुल गए हैं.
5. भविष्य की रणनीति: नवाचार और सुरक्षा
RBI ने स्पष्ट किया है कि सरकार की नीतियां अब ‘नवाचार’ (Innovation) और ‘स्थिरता’ के बीच संतुलन बनाने पर केंद्रित हैं. ग्राहकों की सुरक्षा और बेहतर नियमों के कारण उत्पादकता (Productivity) बढ़ेगी, जिससे भारत की आर्थिक नींव और मजबूत होगी.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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