KCC Update : किसानों के लिए रिजर्व बैंक ने एक और बड़ा ऐलान किया है. इससे पहले बजट में केसीसी की लिमिट की लिमिट बढ़ाने का ऐलान किया गया था. वित्तमंत्री ने कहा था कि केसीसी पर अब 3 की जगह 5 लाख तक लोन दिया जाएगा. अब रिजर्व बैंक ने इस लोन को चुकाने के लिए 6 साल का समय देने का प्रस्ताव पेश किया है.
किसान क्रेडिट कार्ड की अवधि बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है.
आरबीआई ने केसीसी ऋण की स्वीकृति और पुनर्भुगतान कार्यक्रम में एकरूपता लाने के लिए फसल सत्रों की अवधि को मानकीकृत करने का प्रस्ताव भी रखा है. इसके तहत कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों को 12 माह के चक्र और लंबी अवधि वाली फसलों को 18 माह के चक्र के रूप में परिभाषित किया गया है. लंबी अवधि की फसलों के चक्र के अनुरूप ऋण अवधि तय करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की कुल अवधि 6 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया है.
अब मिलेगा ज्यादा कर्ज
मसौदे में केसीसी के तहत निकासी सीमा को प्रत्येक फसल सत्र के लिए फसल की अनुमानित लागत के साथ समायोजित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि किसानों को वास्तविक खेती लागत के अनुरूप पर्याप्त कर्ज मिल सके. इसके अलावा, मिट्टी की जांच, वास्तविक समय में मौसम पूर्वानुमान और जैविक एवं उत्तम कृषि पद्धतियों के प्रमाणन जैसे तकनीकी खर्चों को भी पात्र मद में शामिल किया गया है.
कितना माना जाएगा खर्च
आरबीआई के प्रस्ताव में कहा गया है कि ये खर्च कृषि परिसंपत्तियों के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए वर्तमान में स्वीकृत 20 फीसदी अतिरिक्त घटक के भीतर रखे जाएंगे. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने फरवरी के मौद्रिक नीतिगत वक्तव्य में केसीसी से संबंधित इन संशोधनों की घोषणा की थी. इसका मकसद किसानों को कर्ज चुकाने के लिए ज्यादा समय दिलाना है, ताकि किसानों पर वित्तीय बोझ का दबाव न पड़े.
बजट में बढ़ाई थी केसीसी की लिमिट
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को पेश किए बजट में केसीसी की लिमिट बढ़ाने का ऐलान किया था. उन्होंने नए वित्तवर्ष से 3 की जगह 5 लाख तक लोन केसीसी से देने की बात कही थी. अब आरबीआई ने इस लोन को चुकाने के लिए समय भी ज्यादा दे दिया है. अभी तक केसीसी का कर्ज चुकाने के लिए 3 से 5 साल की अवधि तक समय मिलता था, लेकिन आरबीआई के मसौदे में इसे बढ़ाकर 6 साल करने का प्रस्ताव है. माना जा रहा है कि इस कदम से किसानों को आसान किस्तों में अपना कर्ज चुकाने का मौका मिलेगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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