जापान की सीकन टनल 53.85 किलोमीटर लंबी दुनिया की सबसे गहरी और लंबी अंडरवाटर रेल टनल है. यह समुद्र तल से 240 मीटर की गहराई पर स्थित है और बुलेट ट्रेनों के लिए लाइफलाइन का काम करती है. असम में प्रस्तावित ब्रह्मपुत्र टनल, सीकन के बाद दुनिया की दूसरी ऐसी टनल होगी जिसमें रेलवे की सुविधा दी जाएगी.
असम की गोहपुर-नुमलिगढ़ टनल दुनिया की दूसरी ऐसी टनल होगी जिसमें रेलवे ट्रैक होगा, लेकिन इस सूची में पहले स्थान पर काबिज सीकन टनल की कहानी संघर्ष और आधुनिक विज्ञान की जीत की दास्तान है. होंशु और होक्काइडो जैसे दो बड़े द्वीपों को जोड़ने वाली यह टनल न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि यह जापान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी मानी जाती है
सीकन टनल: समुद्र के नीचे 54 किलोमीटर का सफर
जापान के मुख्य द्वीप होंशु को उत्तरी द्वीप होक्काइडो से जोड़ने वाली यह टनल ‘त्सुगारू जलडमरूमध्य’ (Tsugaru Strait) के नीचे से गुजरती है. इसकी कुल लंबाई लगभग 54 किलोमीटर है, जिसमें से 23.3 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह समुद्र के नीचे है. यह दुनिया का सबसे लंबा अंडरवाटर रेल सेक्शन है. 1971 में शुरू हुआ इसका निर्माण 17 सालों की कड़ी मेहनत के बाद 1988 में पूरा हुआ था, जिस पर उस समय करीब 7 अरब डॉलर की भारी-भरकम लागत आई थी.
इंजीनियरिंग की चुनौतियां और भूकंप से सुरक्षा
जापान जैसे भूकंप प्रभावित देश में समुद्र के नीचे टनल बनाना किसी चुनौती से कम नहीं था. इसे समुद्र तल से 140 मीटर और सतह से 240 मीटर की गहराई पर बनाया गया है, जहां पानी का दबाव बहुत अधिक होता है. टनल को पूरी तरह से भूकंप-प्रूफ बनाया गया है ताकि तेज झटकों के दौरान भी बुलेट ट्रेनें सुरक्षित निकल सकें. टनल के भीतर टैपी कायतेई (Tappi Kaitei) और योशियोका कायतेई (Yoshioka Kaitei) नाम के दो अंडरसी स्टेशन भी हैं, जो आपातकालीन स्थिति में बचाव कार्य के लिए बनाए गए हैं.
ब्रह्मपुत्र टनल बनाम सीकन टनल
असम की गोहपुर-नुमलिगढ़ टनल और जापान की सीकन टनल के बीच समानता यह है कि दोनों ही अंडरवाटर रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी, लेकिन इनमें कुछ बड़े तकनीकी अंतर भी हैं:
सीकन टनल की बड़ी बातें
- समय की बचत: पहले जहाज से द्वीपों के बीच का सफर 4 घंटे का था, जो अब ट्रेन से मात्र 1 घंटा रह गया है.
- रफ़्तार: यहां बुलेट ट्रेनें (Shinkansen) 240 से 320 किमी/घंटा की रफ़्तार से दौड़ सकती हैं.
- ऑल-वेदर कनेक्टिविटी: बर्फीले तूफान या खराब मौसम में भी इसकी सेवाएं प्रभावित नहीं होतीं.
- वैश्विक दर्जा: यह चैनल टनल (यूके-फ्रांस) से भी लंबी रेल टनल है.
About the Author

जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.