NCLT द्वारा 12 दिसंबर 2024 को पारित आदेश के अनुसार, NBCC को सभी छह परियोजनाओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह अधिकृत किया गया है. विशेष रूप से नोएडा और ग्रेटर नोएडा स्थित इन आवासीय परियोजनाओं को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
खंडपीठ ने एनसीएलएटी के फैसले का बरकरार रखा है.
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि खरीदारों को उनके फ्लैट बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के सौंपे जाएं. निर्माण कार्य की निगरानी के लिए NBCC और एस्पेरिटी द्वारा गठित एक विशेष समिति कार्य करेगी, जो सभी हितधारकों की सहमति से इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी. न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कहा कि लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए NBCC को शामिल करना एक न्यायसंगत कदम है. इससे न केवल निर्माण कार्य में तेजी आएगी, बल्कि उन हजारों घर खरीदारों को राहत मिलेगी जो वर्षों से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हैं.
पीठ ने उल्लेख किया कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी (2010 और 2012 के फैसलों में) लगभग 51,000 आवंटन मामलों की सुनवाई की थी, जिसमें कंपनी की खराब वित्तीय स्थिति और देरी के कारण खरीदारों की भारी शिकायतें दर्ज थीं. ऐसे में NBCC जैसी भरोसेमंद संस्था को जिम्मेदारी देना किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होगा.
समाधान योजना और निर्माण की रूपरेखा
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, NCLT द्वारा 12 दिसंबर 2024 को पारित आदेश के अनुसार, NBCC को सभी छह परियोजनाओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह अधिकृत किया गया है. विशेष रूप से नोएडा और ग्रेटर नोएडा स्थित इन आवासीय परियोजनाओं को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
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