सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटीज (RERA) पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह संस्था खरीदारों की मदद करने के बजाय बिल्डरों को फायदा पहुंचा रही है. कोर्ट ने राज्यों को सुझाव दिया है कि वे रेरा की उपयोगिता पर दोबारा विचार करें, क्योंकि यह लोगों को न्याय दिलाने में पूरी तरह निराश कर रहा है.
यह मामला हिमाचल प्रदेश सरकार की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें हिमाचल हाई कोर्ट ने रेरा दफ्तर को शिमला से धर्मशाला शिफ्ट करने पर रोक लगा दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने न केवल इस रोक को हटाया, बल्कि पूरे देश में रेरा के काम करने के तरीके की बखिया उधेड़ दी. कोर्ट ने कहा कि कई राज्यों में यह रिटायर नौकरशाहों के लिए ‘पुनर्वास केंद्र’ (Rehabilitation Centre) बन गया है, जहाँ वे बैठते तो हैं पर खरीदारों को कोई ठोस नतीजा नहीं मिलता.
खरीदारों की जगह बिल्डरों का ‘कल्याण’?
सुप्रीम कोर्ट ने गौर किया कि रेरा के पास शिकायतों का अंबार लगा हुआ है, लेकिन फैसलों पर अमल नहीं हो रहा है. बिल्डर रेरा के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और अथॉरिटी मूकदर्शक बनी हुई है. कोर्ट ने कहा कि रेरा का ढांचा ऐसा हो गया है जो बिल्डरों को उनके डिफॉल्ट के बावजूद कानूनी दांव-पेंचों का फायदा उठाने में मदद करता है, जबकि आम आदमी कोर्ट के चक्कर काटता रह जाता है.
नौकरशाहों की नियुक्ति पर सवाल
बेंच ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि रेरा में विशेषज्ञों की जगह अक्सर रिटायर्ड अधिकारियों को भर दिया जाता है. कोर्ट का मानना है कि इन पदों पर ऐसे लोगों की जरूरत है जो पर्यावरण, आर्किटेक्चर और स्थानीय विकास को समझते हों. चीफ जस्टिस ने तंज कसते हुए पूछा कि एक रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट पालमपुर या धर्मशाला जैसे इलाकों के विकास में कैसे मदद कर सकता है, उसे इन क्षेत्रों की तकनीकी बारीकियों का क्या पता?
राज्यों को पुनर्विचार की सलाह
अदालत ने सभी राज्यों को संदेश दिया है कि वे रेरा के गठन के पीछे के असली मकसद को याद करें. कोर्ट ने साफ कहा कि अगर यह संस्था खरीदारों के हितों की रक्षा नहीं कर सकती, तो इसकी मौजूदगी का कोई अर्थ नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि रेरा के फैसलों के खिलाफ अपील सुनने की शक्ति भी अब जिला जजों को दी जानी चाहिए ताकि आम लोगों को अपनी लड़ाई लड़ने के लिए बार-बार राजधानी के चक्कर न लगाने पड़ें.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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