सुप्रीम कोर्ट ने एनसीएलएटी के अक्टूबर 2024 के आदेश की पुष्टि करते हुए एसईएमएल को SKS पावर का वैध स्वामी माना. अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल कर्जदाताओं के व्यावसायिक निर्णय से असहमति के आधार पर असफल बोलीदाता पूरी समाधान प्रक्रिया को दोबारा नहीं खुलवा सकते.
सुप्रीम कोर्ट ने SKS पावर के दिवालियापन मामले में फैसला सुना दिया. (फाइल फोटो)
विस्तृत बोली प्रक्रिया और स्पष्टीकरण के कई चरणों के बाद कर्जदाताओं की समिति (CoC) ने सरडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत समाधान योजना को पूर्ण बहुमत से मंजूरी दे दी. इस निर्णय को असफल बोलीदाताओं ने चुनौती दी, लेकिन उनकी याचिका पहले नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), फिर नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल (NCLAT) और अंततः सुप्रीम कोर्ट में भी टिक नहीं सकी.
फैसले के केंद्र में एक सीमित कानूनी प्रश्न था, कि क्या सफल बोलीदाता को प्रक्रिया लगभग समाप्त हो जाने के बाद अपनी पेशकश में सुधार करने की अनुमति दी गई थी? सुप्रीम कोर्ट ने माना कि जिसे बोली में बदलाव बताया जा रहा है, वह वस्तुतः केवल एक स्पष्टीकरण था, न कि प्रस्ताव की शर्तों में वास्तविक परिवर्त.। इसी आधार पर अदालत ने कर्जदाताओं के निर्णय में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं पाया.
यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसने एक बार फिर दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के तहत स्थापित उस सिद्धांत को रेखांकित किया है कि कर्जदाताओं की समिति की व्यावसायिक समझ (commercial wisdom) में अदालतें सामान्यतः हस्तक्षेप नहीं करेंगी, जब तक कि कानून का स्पष्ट उल्लंघन या प्रक्रिया में कोई गंभीर अनियमितता न हो. अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल कर्जदाताओं के व्यावसायिक निर्णय से असहमति के आधार पर असफल बोलीदाता पूरी समाधान प्रक्रिया को दोबारा नहीं खुलवा सकते.
अदालत ने एनसीएलएटी (NCLAT’s) के अक्टूबर 2024 के आदेश की पुष्टि करते हुए एसईएमएल (SEML) को SKS पावर का वैध स्वामी माना. यह निर्णय दिवालियापन तंत्र के लिए एक स्पष्ट संदेश की तरह है कि यदि प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संचालित हो और कर्जदाता कानून के दायरे में रहकर व्यावसायिक निर्णय लें, तो अदालतें सामान्यतः उसमें हस्तक्षेप नहीं करेंगी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
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