अमेरिका ने भारत समेत सभी देशों पर लगाए गए टैरिफ की वसूली अब आधिकारिक तौर पर बंद कर दी है. हालांकि अमेरिकी एजेंसी CBP ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि पिछले तीन दिनों से अवैध होने के बावजूद जो वसूली की गई, उसका क्या होगा. लेकिन जिस तरह से एजेंसी ने टैरिफ कोड हटाने का निर्देश दिया है, उससे साफ है कि अब अमेरिकी प्रशासन बैकफुट पर है.
भारतीय प्रोडक्ट पर अब ट्रंप टैरिफ की वसूली बंद हो गई. (File Photo)
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) ने शिपर्स और आयातकों को भेजे एक संदेश में स्पष्ट किया है कि मंगलवार सुबह 12:01 बजे से इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए सभी टैरिफ की वसूली रोक दी जाएगी. यह फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के उस अधिकार को चुनौती दी थी, जिसके तहत आपातकालीन शक्तियों का हवाला देकर विदेशी सामानों पर भारी टैक्स लगाया गया था.
भारतीय प्रोडक्ट्स की चांदी
भारत के लिए यह खबर किसी जैकपॉट से कम नहीं है. पिछले कुछ समय से भारतीय कपड़ा, इंजीनियरिंग सामान, और अन्य विनिर्मित उत्पाद ट्रंप के टैरिफ की मार झेल रहे थे. अब इस वसूली के बंद होने से कीमतों में कमी आएगी. यानी अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान सस्ते होंगे, जिससे उनकी मांग में जबरदस्त उछाल आएगा. अमेरिका ने खुद स्वीकार किया है कि टैरिफ की अनिश्चितता के बावजूद भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता और आपूर्ति की वजह से वे अमेरिकी बाजार में मजबूती से टिके हुए हैं. निर्यात विशेषज्ञों का मानना है कि अब भारतीय कंपनियां पहले से कहीं अधिक ‘धड़ल्ले’ से अपना माल अमेरिकी पोर्ट्स पर उतार सकेंगी.
175 बिलियन डॉलर के रिफंड का रास्ता साफ!
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने अमेरिकी खजाने में भी खलबली मचा दी है. पेन-व्हार्टन बजट मॉडल के अर्थशास्त्रियों के अनुसार, अब तक IEEPA टैरिफ के जरिए अमेरिका ने लगभग 175 बिलियन डॉलर यानी करीब 14.5 लाख करोड़ रुपये की वसूली की है. अब यह पूरी रकम आयातकों को रिफंड करनी पड़ेगी. इन टैरिफ से अमेरिका रोजाना करीब 4,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर रहा था. भारतीय निर्यातकों के अमेरिकी पार्टनर भी अब इस भारी-भरकम रिफंड के लिए दावेदारी पेश करने की तैयारी में हैं.
ट्रंप की नई चाल और अधूरी राहत
हालांकि, राहत की इस बड़ी खबर के बीच एक कूटनीतिक पेंच भी फंसा हुआ है. डोनाल्ड ट्रंप ने हार नहीं मानी है. जैसे ही सुप्रीम कोर्ट ने पुराने टैरिफ को अवैध बताया, ट्रंप ने एक अलग कानूनी शक्ति का उपयोग करते हुए 15% का नया ग्लोबल टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है. CBP ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि केवल IEEPA से जुड़े टैरिफ कोड ही डी-एक्टिवेट किए जाएंगे. सेक्शन 232 और सेक्शन 301 के तहत लगाए गए अन्य टैरिफ पर इस रोक का कोई असर नहीं पड़ेगा. इसका मतलब यह है कि स्टील और एल्युमीनियम जैसे कुछ खास सेक्टरों पर अभी भी पुरानी बंदिशें जारी रह सकती हैं, लेकिन सामान्य कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और आईईईपीए के दायरे में आने वाले सामानों के लिए रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.
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Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें
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