अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा मंडरा रहा है, जहां से भारत का लगभग आधा कच्चा तेल गुजरता है. अगर इस रास्ते में बाधा आती है तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा, तेल कीमतें और अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है. ऐसे में भारत वैकल्पिक सप्लायर और रणनीतिक भंडार पर जोर दे रहा है, जबकि जरूरत पड़ने पर रूस से आयात फिर बढ़ सकता है.
अगर खाड़ी में युद्ध जैसी स्थिति बनती है या होर्मुज में आवाजाही बाधित होती है, तो इसका असर तुरंत भारत और वैश्विक तेल बाजार दोनों पर दिखेगा. तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है. ब्रेंट कच्चा तेल 26 फरवरी को करीब 71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, लेकिन किसी भी भू राजनीतिक झटके से इसमें तेज उछाल आ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रास्ता बंद होता है तो भारत को ज्यादा फ्रेट और बीमा लागत चुकानी पड़ेगी, रुपया दबाव में आ सकता है और फिस्कल बैलेंस पर असर पड़ सकता है. हालांकि, लंबे समय तक पूरी तरह नाकेबंदी की संभावना कम मानी जा रही है, क्योंकि खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था भी निर्यात पर निर्भर है.
भारत ने बनाया इमरजेंसी प्लान
संकट की आशंका को देखते हुए भारत वैकल्पिक इंतजामों पर काम कर रहा है. सऊदी अरब की पूर्व पश्चिम पाइपलाइन और संयुक्त अरब अमीरात की अबू धाबी कच्चा तेल पाइपलाइन जैसे बाइपास मार्गों पर भी नजर है, हालांकि इनकी क्षमता सीमित है. ऐसे हालात में भारत को फिर से रूस की ओर रुख करना पड़ सकता है. हाल के महीनों में रूस से आयात में उतार चढ़ाव देखने को मिला है. पश्चिमी देशों की सख्ती और प्रतिबंधों के बीच रूस से तेल खरीदना भू राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है.
क्या खाली हो जाएंगे पेट्रोल पंप?
भारत ने अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को भी मजबूत किया है. फिलहाल देश के पास करीब 53 लाख टन भंडारण क्षमता है और दो नए संयुक्त वाणिज्यिक और रणनीतिक भंडार केंद्रों पर काम चल रहा है, जिनकी कुल क्षमता 65 लाख टन होगी. मौजूदा भंडार से करीब 74 दिनों की ऊर्जा जरूरत पूरी की जा सकती है, जबकि विशेषज्ञ 90 दिन का भंडार सुरक्षित मानते हैं. अगर हालात बिगड़ते हैं तो पेट्रोल पंप तुरंत खाली नहीं होंगे, लेकिन कीमतों पर दबाव और आपूर्ति श्रृंखला में अस्थायी झटके से इनकार नहीं किया जा सकता. ऐसे में सवाल यही है कि क्या संकट की घड़ी में रूस एक बार फिर भारत के लिए तारणहार बनेगा.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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