सेबी ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को ज्यादा सरल और पारदर्शी बनाया जा सके. पिछले कुछ वर्षों में देखा गया कि कई योजनाओं का उद्देश्य और निवेश पैटर्न एक जैसा होने के बावजूद वे अलग-अलग नामों और श्रेणियों में मौजूद थीं. इससे निवेशकों को यह समझने में मुश्किल होती थी कि कौन-सी योजना वास्तव में अलग है और कौन-सी नहीं. कई बार अलग नाम होने के बावजूद योजनाओं के पोर्टफोलियो लगभग समान होते थे, जिससे निवेशकों में भ्रम पैदा होता था. सेबी का मानना है कि जब समान उद्देश्य वाली योजनाएं एक ही श्रेणी में होंगी, तो निवेशक आसानी से उनकी तुलना कर सकेंगे और बेहतर फैसला ले पाएंगे.
इक्विटी म्यूचुअल फंड्स पर भी सख्ती
नई व्यवस्था के तहत सेबी ने इक्विटी म्यूचुअल फंड्स पर भी सख्ती बढ़ाई है. अब अगर कोई एसेट मैनेजमेंट कंपनी वैल्यू फंड और कॉन्ट्रा फंड दोनों चलाती है, तो उनके पोर्टफोलियो में 50 प्रतिशत से ज्यादा समानता नहीं होनी चाहिए. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हर योजना वास्तव में अलग रणनीति के साथ काम करे. इसी तरह सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स को भी अपने पोर्टफोलियो में ओवरलैप कम करना होगा. अगर तीन साल के भीतर यह ओवरलैप तय सीमा से नीचे नहीं लाया गया, तो ऐसी योजना को दूसरी योजना में मिलाना अनिवार्य होगा. साथ ही, अब म्यूचुअल फंड कंपनियों को हर महीने अपनी वेबसाइट पर पोर्टफोलियो ओवरलैप की जानकारी भी देनी होगी, जिससे निवेशकों को पूरी पारदर्शिता मिल सके.
डेट और हाइब्रिड फंड्स के लिए क्या?
डेट (Debt) और हाइब्रिड फंड्स के नियमों में भी कुछ लचीलापन दिया गया है. अगर ब्याज दरों में अचानक बदलाव होता है और निवेशकों के हित में जरूरी हो, तो फंड मैनेजर पोर्टफोलियो की अवधि को अस्थायी रूप से कम कर सकता है. हालांकि, ऐसा करने पर एसेट मैनेजमेंट कंपनी को इसका कारण लिखित रूप में बताना होगा और सेबी को इसकी जानकारी देनी होगी. इसके अलावा, हाइब्रिड फंड्स को अब InvITs, गोल्ड ETF और सिल्वर ETF जैसे नए विकल्पों में सीमित निवेश की अनुमति भी दी गई है, जिससे उन्हें निवेश के अधिक विकल्प मिल सकें.
लॉन्ग टर्म के लिए लाइफ साइकिल फंड
सेबी ने निवेशकों को लक्ष्य आधारित निवेश का नया विकल्प देने के लिए ‘लाइफ साइकिल फंड’ नाम से नई श्रेणी भी शुरू की है. ये फंड लंबी अवधि के निवेश के लिए बनाए जाएंगे और समय के साथ-साथ अपने आप जोखिम कम करते जाएंगे. उदाहरण के तौर पर, शुरुआत में इनमें इक्विटी का हिस्सा ज्यादा होगा, लेकिन जैसे-जैसे लक्ष्य की तारीख नजदीक आएगी, निवेश धीरे-धीरे सुरक्षित विकल्पों में शिफ्ट हो जाएगा. इन फंड्स की अवधि कम से कम पांच साल और अधिकतम 30 साल तक हो सकती है. इससे निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्यों, जैसे बच्चों की शिक्षा या रिटायरमेंट, के लिए बेहतर और व्यवस्थित तरीके से निवेश करने में मदद मिलेगी.
सेबी ने म्यूचुअल फंड योजनाओं के नाम और पारदर्शिता पर भी जोर दिया है. अब किसी भी योजना का नाम उसके वास्तविक निवेश उद्देश्य के अनुसार ही रखा जाएगा. ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा, जिससे निवेशकों को ज्यादा रिटर्न का भ्रम हो. मौजूदा योजनाओं को अगले छह महीनों के भीतर नए नियमों का पालन करना होगा.
चिल्ड्रेंस फंड – मुख्य स्कीमें:
- SBI Magnum Children’s Benefit Fund – Investment Plan
- SBI Magnum Children’s Benefit Fund – Savings Plan
- HDFC Children’s Gift Fund
- ICICI Prudential Child Care Fund – Gift Plan
- ICICI Prudential Child Care Fund – Study Plan
- UTI Children’s Equity Fund
- UTI Children’s Hybrid Fund
- Axis Children’s Fund
- Tata Children’s Fund
- Aditya Birla Sun Life Bal Bhavishya Yojna
- Baroda BNP Paribas Children’s Fund
- LIC MF Children’s Fund
- कुछ अन्य जैसे Motilal Oswal या अन्य AMC के वेरिएंट, कुल मिलाकर 15 हैं.
रिटायरमेंट फंड – मुख्य स्कीमें:
- HDFC Retirement Savings Fund
- ICICI Prudential Retirement Fund
- SBI Retirement Benefit Fund
- Axis Retirement Savings Fund
- UTI Retirement Benefit Pension Fund
- Nippon India Retirement Fund
- Aditya Birla SL Retirement Fund
- Tata Retirement Savings Fund
- Franklin India Pension Fund
- Mirae Asset Retirement Fund
- Kotak Retirement Fund
- DSP Retirement Fund
- Bandhan Retirement Fund
- Canara Robeco Retirement Fund
- PGIM India Retirement Fund
- Edelweiss Retirement Fund
- LIC MF Retirement Fund
- Union Retirement Fund
- Navi Retirement Fund
- WhiteOak Retirement Fund
- Motilal Oswal Retirement Fund
- Sundaram Retirement Fund
- ITI Retirement Fund
- Quant Retirement Fund
- HSBC Retirement Fund
- Baroda BNP Paribas Retirement Fund
- NJ Retirement Fund
- Mahindra Manulife Retirement Fund
- 360 ONE Retirement Fund
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