टेक अरबपति और वेंचर कैपिटलिस्ट विनोद खोसला (Vinod Khosla) ने बड़ा दावा किया है कि साल 2050 तक लोगों को नौकरी की जरूरत ही नहीं पड़ेगी, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हर सेक्टर को पूरी तरह बदल देगा. उन्होंने कहा कि आईटी सर्विस और बीपीओ इंडस्ट्री अगले कुछ सालों में लगभग खत्म हो सकती है, खासकर भारत जैसे देशों में जहां आईटी सेक्टर पर काफी निर्भरता रही है. खोसला ने यह भी कहा कि 2030 तक आईटी आउटसोर्सिंग इंडस्ट्री खत्म हो सकती है और बड़े कॉरपोरेट में लंबे समय तक काम करने वाले लोग बदलती टेक्नोलॉजी के साथ एडजस्ट नहीं कर पाते.
खोसला का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ टेक सेक्टर नहीं बल्कि हर इंडस्ट्री को बदल देगा. खासकर भारत जैसे देशों में, जहां आईटी सर्विस और बीपीओ इंडस्ट्री ने आर्थिक विकास में बड़ी भूमिका निभाई है, वहां सबसे बड़ा असर देखने को मिलेगा.
आईटी और बीपीओ इंडस्ट्री खत्म?
विनोद खोसला (Vinod Khosla) ने दावा किया कि 2030 तक आईटी सर्विस और बीपीओ इंडस्ट्री लगभग खत्म हो जाएगी. उन्होंने कहा कि लोग इस खतरे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जबकि डिसरप्शन बहुत तेजी से हो रहा है. उनके मुताबिक एआई के कारण कई व्हाइट कॉलर जॉब्स खत्म हो जाएंगी और आउटसोर्सिंग मॉडल टिक नहीं पाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि बड़े कॉरपोरेट में 15 से 20 साल तक काम करने वाले लोग बदलती टेक्नोलॉजी के साथ खुद को अपडेट नहीं कर पाते. उनके शब्दों में, ऐसे लोग टेक इंडस्ट्री में अनएम्प्लॉयबल हो सकते हैं क्योंकि वे नए बदलावों के साथ खुद को ढाल नहीं पाते.
भारत के एआई प्रयासों की खोसला ने की तारीफ
हालांकि, खोसला ने भारत के एआई इकोसिस्टम की तारीफ भी की. उन्होंने कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट बेहद सफल रहा और इसमें भारी संख्या में लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया. उन्होंने बताया कि करीब 3 लाख से ज्यादा लोग इस समिट के लिए रजिस्टर हुए थे, जो भारत में एआई को लेकर बढ़ते उत्साह को दिखाता है. उन्होंने भारत के लिए सोवरेन एआई मॉडल की जरूरत पर भी जोर दिया. खोसला ने कहा कि हर देश को अपना एआई मॉडल बनाना चाहिए, खासकर साइबर सिक्योरिटी और डिफेंस जैसे संवेदनशील सेक्टर के लिए. इसी सोच के तहत उन्होंने भारत की एआई कंपनी सर्वम (Sarvam) में निवेश किया है.
हर भारतीय के लिए फ्री एआई डॉक्टर का सपना
विनोद खोसला (Vinod Khosla) ने कहा कि भारत में एआई का सबसे बड़ा और ट्रांसफॉर्मेटिव इस्तेमाल हेल्थकेयर में हो सकता है. उनका मानना है कि हर भारतीय को 24×7 एक लगभग फ्री एआई डॉक्टर मिलना चाहिए, जो हेल्थकेयर को पूरी तरह बदल सकता है. इससे करोड़ों लोगों को सस्ती और तुरंत मेडिकल सलाह मिल सकेगी.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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