Festival Economics : भारत में हर साल एक दर्जन से भी ज्यादा हिंदू त्योहार मनाए जाते हैं. इन त्योहारों पर हर बार हजारों करोड़ का कारोबार होता है. खुदरा दुकानदारों के संगठन कैट ने हर त्योहार से पहले और बाद में आंकड़े जारी कर इस कारोबार की जानकारी दी है. इन आंकड़ों से पता चलता है कि देश में सबसे ज्यादा पैसा दिवाली पर बरसता है, जिसके बाद नंबर आता है धनतेरस का और फिर होली में खूब खर्चा होता है.
कैट के आंकड़े बताते हैं कि हर साल हिंदू त्योहारों पर लाखों करोड़ का सौदा होता है.
कैट वैसे तो सालभर के त्योहारों को मिलाकर एकसाथ आंकड़े भले ही जारी नहीं करता है, लेकिन अलग-अलग त्योहारों को लेकर इसके आंकड़े जारी किए जाते हैं. कैट हर त्योहार से पहले और बाद में देशभर में कारोबारियों के बीच सर्वे करता है और इसी आधार पर कारोबार के आंकड़े जारी करता है. हिंदू त्योहारों की बात करें तो होली, दिवाली, छठ, धनतेरस और अक्षय तृतीया ऐसे मौके हैं, जब बाजार में हजारों करोड़ बरसते हैं. आइये कैट के आंकड़ों में देखते हैं कि किस त्योहार पर सबसे ज्यादा पैसा बाजार में बरसता है.
दिवाली पर कितना कारोबार
कैट ने पिछले साल 2025 में नवरात्र से दिवाली तक करीब 6.05 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया था. इसमें से 5.40 लाख करोड़ का कारोबार सामान को लेकर हुआ तो 65 हजार करोड़ रुपये का कारोबार सेवाओं को लेकर किया गया था. यह आंकड़ा साल 2024 के 4.25 लाख करोड़ रुपये से करीब 25 फीसदी अधिक था. कुल कारोबार में 85 फीसदी योगदान रिटेल दुकानदारों का रहा, जबकि 87 फीसदी से ज्यादा सामान स्वदेशी रहे और उपभोक्ताओं को चीनी सामान खरीदने से हतोत्साहित किया गया.
होली पर कारोबार
कैट ने होली के त्योहार पर होने वाले अनुमानित खर्च के भी आंकड़े जारी किए हैं. कैट ने बताया कि इस साल 2026 में होली पर करीब 80 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जो पिछले साल के 60 हजार करोड़ से करीब 25 फीसदी ज्यादा है. इस दौरान दिल्ली में करीब 15 हजार करोड़ का कारोबार हुआ था. सबसे ज्यादा खर्चा पिचकारी, गुजिया, मिठाई, तोहफे और एफएमसीजी सामानों की खरीद पर किया गया है.
अन्य त्योहारों में भी बरसता है पैसा
- कैट ने आंकड़े जारी कर बताया है कि दुर्गा पूजा के दौरान भी देशभर में करीब 65 हजार करोड़ रुपये का खर्चा हुआ है, जिसमें सबसे ज्यादा खर्चा पश्चिम बंगाल में किया गया है.
- पिछले साल 2025 छठ त्योहार पर देशभर में करीब 50 हजार करोड़ का कुल कारोबार हुआ. इसमें से 8 हजार करोड़ दिल्ली में, बिहार में 15 हजार करोड़ और झारखंड में 5 हजार करोड़ का कारोबार हुआ है.
- भाई दूज जैसे छोटे त्योहारों पर भी देशभर में 22 हजार करोड़ का कारोबार हुआ था, जिसमें से दिल्ली में ही 2,800 करोड़ रुपये खर्च किए गए.
- पिछले साल धनतेरस पर 1 लाख करोड़ से ज्यादा का कारोबार, 60 हजार करोड़ की सोने-चांदी की खरीदारी रही.
- करवाचौथ पर देशभर में 28 हजार करोड़ का कारोबार हुआ था, जिसमें 8 हजार करोड़ दिल्ली में खर्च किए गए.
- गणेश चतुर्थी पर भी देशभर में करीब 30 हजार करोड़ का कारोबार हुआ, जिसमें 7 लाख पंडाल तो महाराष्ट्र में ही लगाए गए थे.
- रक्षाबंधन पर भी पिछले साल 17 हजार करोड़ का कारोबार हुआ था, जिसमें से 4 हजार करोड़ सिर्फ मिठाई, फल और ड्राई फ्रूड पर खर्च किए गए थे.
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