आकृति चोपड़ा Zomato में अपने लंबे समय के योगदान के लिए जानी जाती हैं. 1988 में जन्मीं आकृति चोपड़ा ने दिल्ली के Delhi Public School, RK Puram से पढ़ाई की और Lady Shri Ram College for Women, दिल्ली से बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री हासिल की. वह एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट भी हैं और PwC में टैक्स और रेगुलेटरी प्रैक्टिस में ट्रेनिंग ली.
आकृति ने Zomato को दिलाई इंटरनेशनल पहचान
आकृति ने 2011 में Zomato में सीनियर मैनेजर (फाइनेंस और ऑपरेशन्स) के रूप में काम शुरू किया, जब कंपनी शुरुआती विकास के चरण में थी. उस समय के साथ उन्होंने कई अहम पद संभाले, जिनमें 2019 में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का रोल शामिल है. IPO से पहले उन्हें को-फाउंडर का दर्जा दिया गया और बाद में वह कंपनी की चीफ पीपल ऑफिसर बनीं.
इसके बाद आकृति ने Zomato के इंटरनल सिस्टम को मजबूत करने में अहम योगदान दिया. उन्होंने इन-हाउस लीगल, गवर्नेंस, रिस्क और कंप्लायंस टीम्स तैयार करने में मदद की और कंपनी के कई प्राइवेट फंडिंग राउंड्स को सपोर्ट किया. इसके अलावा, उन्होंने Zomato के अंतरराष्ट्रीय विस्तार में भी योगदान दिया, हालांकि कंपनी ने बाद में विदेशी बाजारों से बाहर निकलने का निर्णय लिया. सितंबर 2024 में, चोपड़ा ने नए अवसरों का पीछा करने के लिए Zomato से इस्तीफा दिया, जिससे उनका लगभग 13 साल का लंबा जुड़ाव समाप्त हुआ.
कितनी है नेटवर्थ?
आपको जानकर हैरानी होगी आकृति ने अपनी चार्टेड अकाउंटेट की नौकरी छोड़कर जब जोमैटो जॉइन करने का फैसला किया तो परिवार वालों ने भी विरोध किया था. उन्होंने अपने माता-पिता को यह कहकर मना लिया कि वह कुछ बड़ा करना चाहती हैं और ये अच्छा मौका है. माता-पिता मान गए तो उन्होंने कंपनी जॉइन की और 2023 की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वे जोमैटो में सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले कर्मचारियों में शामिल हुई थी. साल 2021 में उनकी सैलरी (Akriti Chopra Salary) 1.63 करोड़ रुपये थी. 2021 में जब जोमैटो का आईपीओ आया तक, उनको मिले ESOPs (Employee Stock Ownership Plan) का मूल्य करीब 149 करोड़ था.
Eternal Ltd. का भविष्य
Eternal Ltd. का नेतृत्व अब नए सीईओ अलबिंदर ढिंडसा के हाथ में है, जो कंपनी के अगले विकास और विस्तार की दिशा तय करेंगे. Zomato के लिए नया Albinder Dhindsa का नाम नया नहीं हैं. उन्होंने IIT दिल्ली से पढ़ाई की और Columbia Business School से MBA किया है. Zomato में शुरुआती सालों में इंटरनेशनल ऑपरेशन्स के हेड के रूप में काम किया था और 2014 तक कंपनी के साथ जुड़े रहे. इसके बाद उन्होंने Grofers की स्थापना की, जिसे 2021 में Blinkit के नाम से रीब्रांड किया गया. गोयल ने पद छोड़ते समय कहा कि वह अब नए विचार और उच्च जोखिम वाले प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देंगे, जबकि कंपनी के रोज़मर्रा के संचालन और विकास की जिम्मेदारी अलबिंदर ढिंडसा को दी जाएगी.
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