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- LPG Cylinder Refill: Govt Increases Waiting Period To 25 Days Amid Middle East Tension
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केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रीफिल बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। अब उपभोक्ता एक सिलेंडर बुक करने के बाद दूसरा सिलेंडर 21 दिन के बजाय 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे। यानी सरकार ने रीफिल बुकिंग के मिनिमम वेटिंग पीरियड को 4 दिन के लिए बढ़ा दिया है।
मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच सरकार ने यह कदम गैस की जमाखोरी रोकने और सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। सरकारी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) को यह जानकारी दी है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से यह देखा जा रहा था कि जरूरत न होने पर भी लोग सिलेंडर बुक करके स्टॉक कर रहे थे। वेटिंग पीरियड को 25 दिन करने से बेवजह की बुकिंग पर लगाम लगेगी। इससे उन लोगों को आसानी से सिलेंडर मिल सकेगा जिन्हें वाकई जरूरत है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर रहेंगी
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल बढ़ोतरी के आसार नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल के पार नहीं जाती, तब तक घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर बनी रहेंगी। वर्तमान अनुमानों के अनुसार, कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने की उम्मीद है।
देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है
ईंधन की सप्लाई को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी पेट्रोल पंप पर तेल की किल्लत नहीं है। सप्लाई चैन पूरी तरह सामान्य है। भविष्य में किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए भारत ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के अलावा अन्य रास्तों से कच्चे तेल की सोर्सिंग तेज कर दी है। इससे समुद्री मार्ग में किसी भी तनाव की स्थिति में सप्लाई में रूकावट नहीं आएगी।
एविएशन टर्बाइन फ्यूल का भी पर्याप्त स्टॉक
विमानों में इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF को लेकर भी सरकार ने स्थिति साफ की है। अधिकारियों ने कहा कि देश के पास ATF का पर्याप्त स्टॉक है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। भारत न केवल ATF का उत्पादक है, बल्कि इसका निर्यात भी करता है। इसलिए विमान सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
दूसरे देश भारत से मांग रहे सलाह
एनर्जी मैनेजमेंट के मामले में भारत दुनिया के कई अन्य देशों से बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत की तैयारी को देखते हुए कई देशों ने नई दिल्ली से संपर्क साधा है। वे भारत के स्टॉक मैनेजमेंट और सप्लाई चेन की रणनीति को समझना चाहते हैं।
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