अगर आपका क्रेडिट कार्ड बिल अचानक बड़ा दिखे, तो बैंक एक बटन दिखाता है- Convert to EMI. यह ऑप्शन आकर्षक लगता है. एक बड़ी रकम को महीने-दर-महीने चुकाना आसान लगता है. लेकिन इससे जुड़े फायदे और नुकसान को समझना जरूरी है.
बैंक क्यों देते हैं यह ऑफर?
बैंक इसे आपकी मदद के लिए नहीं, बल्कि कमाई के लिए करते हैं. बिल को EMI यह कन्वर्जन मूल रूप से आपके कार्ड बैलेंस को एक शॉर्ट-टर्म लोन में बदल देता है. इसमें ब्याज जोड़ा जाता है, और आमतौर पर एक छोटी प्रोसेसिंग फीस भी होती है. मंथली पेमेंट हल्का दिखता है, लेकिन अंत में आप जो कुल रकम चुकाते हैं, वह मूल बिल से ज्यादा होती है.
बिल को EMI में बदलना कब फायदेमंद
ऐसी स्थितियां होती हैं जहां EMI ऑप्शन वास्तव में मदद करता है. कल्पना कीजिए कि आपको एक बड़ा मेडिकल बिल या कोई जरूरी ट्रैवल खर्च चुकाना पड़ा. क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल तुरंत चुकाने से महीने भर की आपकी नकद बचत खत्म हो सकती है. बैलेंस को बिना चुकाए छोड़ना और भी बुरा है, क्योंकि सामान्य क्रेडिट कार्ड का ब्याज सालाना 35 फीसदी से ज्यदा हो सकता है. बिल को एक निश्चित EMI में बदलने से वह कंपाउंडिंग इंटरेस्ट रुक जाता है और कर्ज एक तय रीपेमेंट शेड्यूल में बंध जाता है. ऐसे मामलों में, EMI एक अस्थायी फाइनेंशियल ब्रिज के रूप में काम करती है.
ध्यान देने वाली बातें:
- लिमिट ब्लॉक होना: अगर आप 1 लाख की लिमिट वाले कार्ड पर 80 हजार की EMI बनवाते हैं, तो आपकी खर्च करने की लिमिट तब तक कम रहेगी जब तक आप पूरी किश्तें नहीं चुका देते.
- अतिरिक्त खर्च: जो सामान आपने 90,000 में खरीदा था, ब्याज के चक्कर में वह अंत तक आपको 98,000 रुपये का पड़ सकता है.
कब यह जरूरी नहीं हो सकता
अगर बिल बड़ा दिख रहा है लेकिन आपको अगले कुछ हफ्तों में आय या कैश फ्लो की उम्मीद है, तो EMI में बदलना केवल बेवजह ब्याज बढ़ाएगा. कई कार्डधारक आदतवश भी बिलों को EMI में बदल देते हैं, खासकर त्योहारों की बड़ी खरीदारी या यात्रा बुकिंग के बाद. उन मामलों में, EMI का विकल्प जरूरत से कम और मनोवैज्ञानिक राहत से ज्यादा जुड़ा होता है. लेकिन सुविधा की एक कीमत होती है.
पूरा बिल एक बार में चुकाना ही समझदारी
क्रेडिट कार्ड EMI विकल्प फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसे हमेशा इस्तेमाल करना सही नहीं. जब अचानक खर्च आए और नकदी कम हो, तभी EMI लें. अगर आपके पास पैसे हैं, तो पूरा बिल एक बार में चुकाना ही सबसे सस्ता और समझदारी भरा फैसला है।
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प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से News18Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन…और पढ़ें
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