CNBC-TV18 के साथ बातचीत में रामदेव ने कहा, “मेरी राय में, ईरान युद्ध का डर पहले ही कीमतों में शामिल हो चुका है. अब केवल कोई असामान्य घटना होने पर ही बाजार में बड़ा झटका आ सकता है.”
वैश्विक अनिश्चितता और निवेश की जटिलता
रामदेव अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान निवेश माहौल काफी जटिल है क्योंकि दुनिया में कई घटनाएं एक साथ हो रही हैं. उन्होंने निवेशकों को समझदारी और सतर्क रहने की सलाह दी.
भारत की स्थिति मजबूत
अग्रवाल ने कहा कि भारत एक स्थिर और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के रूप में अलग दिख रहा है. भारत बहुत बड़ा, आत्मनिर्भर और शांत देश है. आने वाले समय में इसे स्थिरता और समृद्धि के रूप में पहचाना जाएगा.
कंपनियों की कमाई अहम
उनके अनुसार, घरेलू बाजार में कंपनियों के लाभ ही निवेश की दिशा तय करेंगे. तीसरी तिमाही के नतीजे मजबूत रहे और लगभग सभी सेक्टर्स में सुधार देखा गया.
निफ्टी का स्तर अब सही दाम पर
अग्रवाल ने कहा कि हाल की बाजार उतार-चढ़ाव के बाद निफ्टी अब ‘सेंसिबल’ दाम पर है. यह बहुत महंगा नहीं है, लेकिन सस्ता भी नहीं. अब यह निवेश योग्य है.
चुनिंदा निवेश जरूरी
उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि वे उन कंपनियों में निवेश करें जिनका ग्लोबल रिस्क कम हो. बैंकिंग और घरेलू कंज्यूमर प्रोडक्ट कंपनियां इसके अच्छे उदाहरण हैं.
इंडेक्स निवेश नए निवेशकों के लिए बेहतर
नए निवेशकों के लिए अग्रवाल ने इंडेक्स निवेश की सलाह दी. उन्होंने कहा कि S&P 500, निफ्टी या टॉप 250 इंडेक्स में निवेश करना सबसे अच्छा रहेगा.
12-15 फीसदी रिटर्न की उम्मीद
उन्होंने कहा कि मौजूदा माहौल में निवेशकों को मार्केट से करीब 12-15 फीसदी सालाना रिटर्न की उम्मीद करनी चाहिए. बाजार में बड़े रेटिंग बदलाव की संभावना कम है.
एनर्जी सप्लाई और ग्लोबल रिस्क
ईरान संकट से एनर्जी सप्लाई प्रभावित हो सकती है. अगर खाड़ी क्षेत्र में गैस या कच्चा तेल नहीं आएगा, तो ग्लोबल इकोनॉमी पर दबाव पड़ेगा. हालांकि, अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि आपूर्ति आने वाले हफ्तों में सामान्य हो जाएगी.
स्टॉक-विशेष अवसर
बाजार में गिरावट का फायदा उठाकर मजबूत कंपनियों के शेयरों में निवेश करना समझदारी भरा कदम हो सकता है.
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