विदेश जाने की खुशी में अक्सर लोग अपने ईपीएफ अकाउंट को भूल जाते हैं. अगर आप भी विदेश शिफ्ट हो रहे हैं, तो अपने खून-पसीने की कमाई को सही ठिकाने लगाना जरूरी है.
1. क्या विदेश जाने पर ईपीएफ अकाउंट बंद हो जाता है?
नहीं, आपका ईपीएफ अकाउंट अपने आप बंद नहीं होता. जब आप भारत में नौकरी छोड़ते हैं, तो कंपनी और आपका योगदान रुक जाता है, लेकिन अकाउंट तब तक एक्टिव रहता है जब तक आप पैसे निकाल न लें.
2. क्या ब्याज मिलता रहेगा?
हां, पैसा जमा न होने के बावजूद आपके अकाउंट पर 3 साल तक ब्याज मिलता रहेगा. 3 साल बाद यह अकाउंट ‘इनऑपरेटिव’ हो जाता है और ब्याज मिलना बंद हो जाता है. इसलिए बेहतर है कि आप समय रहते फैसला लें.
3. पैसे निकालें या ट्रांसफर करें?
अगर आप 60 दिनों से ज्यादा समय से बेरोजगार हैं, तो आप पूरा पैसा निकाल सकते हैं. अगर आपने 5 साल से ज्यादा काम किया है, तो पैसा निकालने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. भारत का कई देशों के साथ सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट (एसएसए) है. इसके तहत आप अपना पीएफ बैलेंस उस देश के सोशल सिक्योरिटी सिस्टम में ट्रांसफर कर सकते हैं जहां आप जा रहे हैं.
ईपीएफ का पैसा कैसे निकालें?
- ईपीएफ निकासी फॉर्म भरें (नियोक्ता से या ईपीएफओ पोर्टल से डाउनलोड करें).
- अगर आपका यूएएन आधार से लिंक है, तो बिना नियोक्ता की पुष्टि के भी सीधे क्लेम कर सकते हैं.
- यूएएन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें और ‘मूविंग अब्रोड’ कारण चुनें.
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें.
ईपीएफ निकालने का ऑफलाइन तरीका: आप फॉर्म भरकर सीधे ईपीएफओ ऑफिस में जमा कर सकते हैं.
एक्सपर्ट की सलाह
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप विदेश में बस चुके हैं, तो ईपीएफ की निकासी में देरी न करें. कई बार ईपीएफओ को आपके विदेश जाने की जानकारी नहीं होती, इसलिए ब्याज दिखता रहता है. लेकिन निकासी के समय जांच या कटौती हो सकती है.
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प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से News18Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन…और पढ़ें
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