BHIM ऐप से सीधे PF निकासी की सुविधा
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल से EPFO सदस्य BHIM ऐप के जरिए अपने PF खाते का बैलेंस देख सकेंगे. इसमें यह भी साफ दिखेगा कि कितना पैसा निकासी के लिए योग्य है और कितना न्यूनतम 25 फीसदी बैलेंस के तौर पर खाते में रहना जरूरी है. शुरुआत में प्रति ट्रांजैक्शन 25,000 रुपये तक की निकासी सीमा तय किए जाने पर विचार किया गया है. यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि तुरंत होने वाले ट्रांजैक्शन के दुरुपयोग को रोका जा सके.
EPFO, NPCI और SBI मिलकर कर रहे सिस्टम तैयार
इस पूरी व्यवस्था को तैयार करने में EPFO, C-DAC और NPCI मिलकर काम कर रहे हैं. इसके साथ ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भुगतान समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहा है. UPI के जरिए होने वाली निकासी पर वही नियम लागू होंगे, जो सामान्य UPI ट्रांजैक्शन में होते हैं. यानी सुरक्षा और सत्यापन से जुड़े सभी मौजूदा गार्डरेल्स बरकरार रहेंगे. शुरुआती चरण में यह सुविधा सिर्फ BHIM ऐप के जरिए ही उपलब्ध होगी.
मजदूर और ब्लू-कॉलर वर्कर्स को मिलेगा बड़ा फायदा
इस नई सुविधा का सबसे बड़ा फायदा ब्लू-कॉलर और असंगठित क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को मिलने की उम्मीद है. ऐसे कई कर्मचारी हैं, जिन्हें अभी EPFO के ऑनलाइन पोर्टल या दस्तावेजी प्रक्रिया को समझने में कठिनाई होती है. UPI के जरिए निकासी से वे मोबाइल ऐप के माध्यम से आसानी से PF निकाल सकेंगे. हालांकि, अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि बार-बार छोटी रकम निकालने से सालाना तय की गई निकासी की संख्या खत्म हो सकती है.
निकासी की फ्रीक्वेंसी को लेकर रहना होगा सतर्क
EPFO ने निकासी की रकम के साथ-साथ उसकी फ्रीक्वेंसी भी तय कर रखी है. यदि कोई सदस्य 2-3 बार में जल्दी-जल्दी निकासी करता है, तो भले ही कुल राशि सीमा में हो, लेकिन तय संख्या पूरी होने पर आगे निकासी संभव नहीं होगी. इसलिए सदस्यों को निकासी करते समय राशि और आवृत्ति दोनों का ध्यान रखना होगा. सरकार का मकसद सुविधा देना है, न कि रिटायरमेंट फंड का जल्द खत्म होना.
लेबर कोड और नियमों में बदलाव से हुई देरी
यह सुविधा पहले ही लागू हो सकती थी, लेकिन नवंबर में लेबर कोड की अधिसूचना और अक्टूबर में PF निकासी नियमों में हुए बदलावों के कारण सॉफ्टवेयर में जरूरी संशोधन करना पड़ा. नए नियमों के तहत 75 फीसदी राशि निकासी योग्य है, जबकि 25 फीसदी न्यूनतम बैलेंस के रूप में खाते में रखना जरूरी किया गया है. इन बदलावों को सिस्टम में शामिल करने के बाद अब यह सुविधा अंतिम चरण में है.
PF निकासी नियम पहले से हुए हैं आसान
EPFO पहले ही निकासी नियमों को सरल बना चुका है. अब निकासी की 13 श्रेणियों को घटाकर तीन कर दिया गया है- जरूरी जरूरतें, आवास संबंधी जरूरतें और विशेष परिस्थितियां. शिक्षा के लिए अब 10 बार और शादी के लिए 5 बार आंशिक निकासी की अनुमति है. बीमारी के मामले में भी साल में कई बार पैसा निकाला जा सकता है. बेरोजगारी की स्थिति में 75 फीसदी राशि तुरंत और एक साल बाद पूरी रकम निकालने का विकल्प दिया गया है. कुल मिलाकर, UPI के जरिए EPF निकासी की यह सुविधा देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट फंड तक आसान और तेज पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.
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