अच्छा CIBIL या क्रेडिट स्कोर लोन की राह आसान जरूर बनाता है, लेकिन मंजूरी की गारंटी नहीं देता. आइए समझते हैं कि स्कोर अच्छा होने पर भी लोन क्यों रिजेक्ट हो जाता है:
1. ज्यादा EMI का बोझ
बैंक सबसे पहले आपकी इनकम और खर्च का बैलेंस देखते हैं. अगर आपकी सैलरी का बड़ा हिस्सा पहले से होम लोन, कार लोन या क्रेडिट कार्ड की EMI में जा रहा है, तो नया लोन जोखिम भरा लग सकता है. इसे डेट-टू-इनकम (DTI) रेशियो कहा जाता है. ज्यादा बोझ होने पर बैंक मना कर सकता है.
2. कम समय में कई आवेदन
अगर आपने हाल के महीनों में कई बैंकों या ऐप्स पर लोन/क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया है, तो यह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दिखता है. इसे हार्ड इन्क्वायरी कहा जाता है. ज्यादा इन्क्वायरी बैंक को संकेत देती है कि आपको पैसों की तत्काल जरूरत है, जो रिस्क बढ़ाती है.
3. नौकरी या इनकम में स्टेबिलिटी
नई नौकरी, प्रोबेशन पीरियड या इरेगुलर इनकम बैंक के लिए चिंता का कारण हो सकती है. स्वरोजगार करने वालों के मामले में आय का उतार-चढ़ाव या अधूरे दस्तावेज भी लोन रिजेक्शन की वजह बनते हैं. बैंक स्टेबल इनकम वालों को प्रायोरिटी देते हैं.
4. क्रेडिट रिपोर्ट में छोटी गलती
कभी-कभी पुराना लोन Closed की जगह Settled दिख रहा होता है या कोई बकाया एंट्री अपडेट नहीं हुई होती. ये छोटी तकनीकी गलतियां भी सिस्टम में फ्लैग हो जाती हैं और आवेदन खारिज हो सकता है. इसलिए समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जांचना जरूरी है.
5. कम क्रेडिट हिस्ट्री
हो सकता है आपका स्कोर अच्छा हो, लेकिन आपने सिर्फ एक-दो साल ही क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल किया हो. बैंक लंबी क्रेडिट हिस्ट्री को ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं. बैंकों को आपको परखने के लिए लंबे समय का रिकॉर्ड चाहिए होता है.
क्या करें अगर लोन रिजेक्ट हो जाए?
- तुरंत दूसरी जगह अप्लाई न करें.
- अपनी क्रेडिट रिपोर्ट ध्यान से जांचें.
- अपनी मौजूदा EMI और आय का संतुलन देखें.
- जरूरत हो तो कुछ महीनों का इंतजार करें या कोई छोटा लोन पहले चुकाएं
About the Author

Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.