जब माता-पिता की उम्र बढ़ने लगती है, तो उनकी सेहत और अस्पताल के खर्चों की चिंता बढ़ना जायज है. ऐसे में अक्सर बच्चों के मन में यह सवाल आता है कि क्या माता-पिता को अपनी ‘फैमिली फ्लोटर’ पॉलिसी में शामिल करना चाहिए या उनके लिए एक अलग पॉलिसी लेनी चाहिए?
दरअसल, फैमिली फ्लोटर में पूरे परिवार के लिए एक ही सम इंश्योर्ड अक्सर लोग सोचते हैं कि माता-पिता को अपनी फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस में जोड़ देना सबसे आसान और सस्ता ऑप्शन है. लेकिन कई बार यही फैसला आगे चलकर प्रीमियम बढ़ने और कवर कम पड़ने की वजह बन जाता है. उम्र बढ़ने के साथ मेडिकल खर्च भी तेजी से बढ़ता है, इसलिए पॉलिसी चुनते समय छोटी-सी गलती भी महंगी पड़ सकती है. अगर आप भी माता-पिता के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेने की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह समझ लेना जरूरी है कि अलग पॉलिसी बेहतर है या फैमिली फ्लोटर।होता है. अगर माता-पिता की उम्र ज्यादा है और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ जाए, तो उसी पैसे से बाकी परिवार का इलाज भी कवर होना होता है। इससे साल के बीच में ही कवर कम पड़ सकता है. इसके अलावा, बीमा कंपनियां फ्लोटर प्लान का प्रीमियम परिवार के सबसे उम्रदराज सदस्य के आधार पर तय करती हैं. इसलिए माता-पिता को जोड़ने से प्रीमियम अचानक काफी बढ़ सकता है.
महंगे होते हैं सीनियर सिटीजन हेल्थ प्लान
वहीं अगर माता-पिता के नाम से अलग पॉलिसी ली जाए, तो उनका कवर अलग रहता है और बाकी परिवार की सुरक्षा पर असर नहीं पड़ता. हालांकि एक बात ध्यान रखने वाली है कि सीनियर सिटीजन हेल्थ प्लान महंगे होते हैं और उम्र बढ़ने के साथ प्रीमियम भी बढ़ता जाता है. अगर रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम न हो, तो पॉलिसी जारी रखना मुश्किल हो सकता है.
बीमारियों के कारण ज्यादा हो सकता है प्रीमियम
एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि अगर माता-पिता 60 साल के बाद पहली बार पॉलिसी लेते हैं, तो डायबिटीज, बीपी या दिल से जुड़ी बीमारियों के कारण प्रीमियम ज्यादा हो सकता है या कुछ बीमारियां कवर में शामिल नहीं होतीं. इसलिए जितनी जल्दी पॉलिसी ली जाए, उतना बेहतर रहता है. फैमिली फ्लोटर प्लान कुछ स्थितियों में काम कर सकता है जैसे अगर कुल कवर 20 लाख रुपये या उससे ज्यादा हो और माता-पिता अपेक्षाकृत स्वस्थ हों. लेकिन मेडिकल खर्च हर साल तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए साझा कवर जल्दी खत्म होने का खतरा रहता है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
एक समझदारी भरा तरीका यह है कि बच्चे अपने माता-पिता के लिए अलग हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लें और उसका प्रीमियम खुद भरें. इससे न सिर्फ बेहतर सुरक्षा मिलती है, बल्कि पुराने टैक्स सिस्टम में सेक्शन 80D के तहत माता-पिता (60 वर्ष से ऊपर) के लिए भरे गए प्रीमियम पर 50,000 रुपये तक टैक्स छूट भी मिल सकती है. प्रोबस के हेड ऑफ हेल्थ एंड लाइफ इंश्योरेंस सरिता जोशी का कहना है कि फैमिली फ्लोटर समान उम्र के लोगों जैसे पति-पत्नी और बच्चों के लिए ज्यादा सही रहता है, जबकि 55-60 साल के बाद माता-पिता के लिए अलग और बड़ा कवर रखना बेहतर माना जाता है.
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प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से News18Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन…और पढ़ें
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