पार्टनर के साथ जॉइंट बैंक अकाउंट खोलना जितना सुविधाजनक है, इसके नियम उतने ही पेचीदा हो सकते हैं. यह समझना जरूरी है कि खाते तक पहुंच होने का मतलब कानूनी मालिकाना हक नहीं होता और ‘ईदर और सर्वाइवर’ (Either or Survivor) जैसे ऑप्शन एक पार्टनर को दूसरे की सहमति के बिना भी पैसे निकालने की पूरी ताकत देते हैं. ऐसे में पार्टनर के साथ खाता खोलने से पहले कुछ बातों को जानना जरूरी है.
1. ‘ईदर और सर्वाइवर’ का मतलब समझें
जॉइंट अकाउंट में अक्सर लोग ‘ईदर और सर्वाइवर’ का ऑप्शन चुनते हैं. इसका मतलब है कि खाते में मौजूद पैसों को दोनों में से कोई भी एक व्यक्ति कभी भी निकाल सकता है. इसके लिए दूसरे पार्टनर की इजाजत या सिग्नेचर की जरूरत नहीं होती. यह सुविधा इमरजेंसी में तो अच्छी है, लेकिन अगर पार्टनर के बीच तालमेल न हो, तो यह जोखिम भरा हो सकता है.
2. एक्सेस और मालिकाना हक अलग-अलग हैं
बैंक की नजर में खाते तक दोनों की एक्सेस है, लेकिन कानून की नजर में पैसा उसका माना जाता है जिसने उसमें योगदान दिया है. अगर खाते का सारा पैसा पति की सैलरी से आ रहा है, तो विवाद या बंटवारे की स्थिति में पत्नी का उस पर आधा हक कानूनी रूप से अपने आप नहीं बन जाता.
3. मौत के बाद क्या होता है?
जॉइंट अकाउंट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर एक पार्टनर की मौत हो जाए, तो दूसरा पार्टनर तुरंत पैसे निकाल सकता है. खाता फ्रीज नहीं होता. हालांकि, यह याद रखें कि बैंक से पैसा मिलने का मतलब यह नहीं है कि वह पूरा पैसा आपका हो गया. दूसरे कानूनी वारिस (जैसे बच्चे या माता-पिता) उस पैसे पर अपना दावा कर सकते हैं.
4. टैक्स का गणित
सिर्फ इसलिए कि अकाउंट जॉइंट है, उस पर मिलने वाला ब्याज 50-50 नहीं बंटता. इनकम टैक्स विभाग आमतौर पर उस व्यक्ति से टैक्स मांगता है जिसकी कमाई से वह पैसा जमा हुआ है. बड़े निवेश के मामले में यह बात ध्यान रखना बहुत जरूरी है.
5. नॉमिनेशन है जरूरी
कई कपल्स को लगता है कि जॉइंट अकाउंट है तो नॉमिनी की क्या जरूरत? लेकिन अगर दोनों खाताधारकों के साथ कुछ अनहोनी हो जाए, तो बिना नॉमिनी के पैसा निकालना कानूनी पेचीदगियों में फंस सकता है.
About the Author

प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से News18Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन…और पढ़ें
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.