Home Loan: घर खरीदना कई लोगों का सपना होता है, लेकिन फाइनेंस की चुनौती बड़ी होती है टैक्स एक्सपर्ट ने ऐसे छह होम लोन हैक्स बताए हैं जिनसे लाखों रुपये बचाए जा सकते हैं. उनके मुताबिक लोन लेने से पहले या बाद में सही जानकारी रखना जरूरी है. खासतौर पर लोन अप्रूवल के बाद पूरी कॉस्ट ब्रेकअप मांगना चाहिए, क्योंकि बैंक प्रोसेसिंग फीस, लीगल चार्ज, टेक्निकल वैल्यूएशन और स्टैंप ड्यूटी जैसे खर्च बाद में बताते हैं, जो मिलकर बड़ी रकम बन सकते हैं. इसलिए सैंक्शन लेटर में सभी चार्ज साफ-साफ लिखवाना बेहद जरूरी है.
सुजीत बंगर टैक्सबडी डॉट कॉम के फाउंडर हैं और वे घर लोन में छिपी बचत के तरीके बताते रहते हैं. ये टिप्स घर लोन लेने से पहले या बाद में काम आते हैं और टैक्स बचत से लेकर ब्याज कम करने तक मदद करते हैं. पहला टिप है कि लोन अप्रूवल के बाद पूरी कॉस्ट ब्रेकअप मांगें. बैंक अक्सर प्रोसेसिंग फीस, लीगल चार्ज, टेक्निकल वैल्यूएशन फीस, स्टैंप ड्यूटी जैसे खर्च बाद में बताते हैं. ये सब मिलाकर लाखों में हो सकते हैं. इसलिए सैंक्शन लेटर में सब कुछ क्लियर लिखवाएं ताकि कोई परेशानी न आए.
मल्टी ईयर इंश्योरेंस पर ध्यान जरूरी
दूसरा बड़ा टिप है कि बैंक वाले जो मल्टी ईयर इंश्योरेंस को कंपल्सरी बताते हैं उसे न मानें. वे कहते हैं कि यह टैक्स सेविंग के लिए जरूरी है लेकिन असल में आप पहले से ही सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख तक डिडक्शन ले सकते हैं. इंश्योरेंस की वजह से 4 प्रतिशत तक एक्स्ट्रा खर्च होता है जो बेकार है. इसे रिजेक्ट करें और अपनी मर्जी से सस्ता इंश्योरेंस लें.
इंटरेस्ट रेट
तीसरा टिप है कि दो-तीन बैंकों से एक साथ अप्लाई करें. इससे आपको बेहतर इंटरेस्ट रेट और ऑफर मिल सकते हैं. बैंक को पता चलेगा कि आप कहीं और भी देख रहे हैं तो वे बेहतर डील देंगे. नेगोशिएशन में यह बहुत काम आता है.
जॉइंट ओनरशिप का स्मार्ट यूज
चौथा टिप जॉइंट ओनरशिप का स्मार्ट यूज है. अगर पति-पत्नी दोनों काम करते हैं तो प्रॉपर्टी दोनों के नाम पर रजिस्टर करवाएं. इससे दोनों को अलग-अलग टैक्स बेनिफिट मिलेंगे. सेक्शन 24 में इंटरेस्ट पर 2 लाख तक और सेक्शन 80सी में प्रिंसिपल पर 1.5 लाख तक डिडक्शन दोनों को अलग मिल सकता है. कुल मिलाकर 7 लाख तक टैक्स बचत हो सकती है जो लाखों में फर्क डालती है.
टैक्स डिडक्शन
पांचवां है कि टैक्स डिडक्शन को स्मार्ट तरीके से यूज करें. घर लोन का इंटरेस्ट और प्रिंसिपल दोनों पर छूट मिलती है लेकिन कई लोग इसे ठीक से क्लेम नहीं करते. अगर आप रेंटेड घर में रहते हैं और लोन लिया है तो भी सेक्शन 24(b) के तहत इंटरेस्ट क्लेम कर सकते हैं. इसे मिस न करें.
लोन जल्दी चुकाने के छोटे तरीके
छठा टिप है कि लोन जल्दी चुकाने के छोटे तरीके अपनाएं. जैसे हर साल एक एक्स्ट्रा ईएमआई देना या ईएमआई में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी करना. इससे ब्याज बहुत कम होता है और लोन टेन्योर घट जाता है. एक उदाहरण में 60 लाख के लोन को 20 साल से 11 साल में खत्म करके 30 लाख से ज्यादा ब्याज बचाया गया. शुरुआती सालों में प्रीपेमेंट ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि तब ब्याज ज्यादा जाता है.
ये टिप्स घर लोन लेने वालों के लिए बहुत उपयोगी हैं. बैंक वाले अक्सर इन बातों को छिपाते हैं क्योंकि इससे उनका कमिशन या प्रॉफिट कम हो सकता है. लेकिन आप इनका फायदा उठाकर लाखों बचा सकते हैं. घर खरीदना बड़ा फैसला है इसलिए ये छोटी-छोटी बातें ध्यान में रखें.
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