अगर आपकी होम लोन की EMI भारी लगने लगी है, तो कुछ आसान तरीके अपनाकर इसे कम किया जा सकता है. ब्याज दर की समीक्षा, लोन की अवधि बढ़ाना या आंशिक प्रीपेमेंट जैसे छोटे कदम आपकी EMI का बोझ काफी कम कर सकते हैं.
5 तरीके से कम करें EMI
कैसे कम कर सकते हैं होम लोन की EMI?
1. बैंक से ब्याज दर की समीक्षा करवाएं
कई लोग सालों तक अपने होम लोन की ब्याज दर चेक ही नहीं करते. लेकिन बाजार में ब्याज दरें बदलती रहती हैं. अगर आपने 5-6 साल पहले लोन लिया था, तो संभव है कि उसी बैंक में आज कम ब्याज दर पर लोन मिल रहा हो. ऐसे में बैंक से बात करके अपने लोन को नई और कम दर वाले प्लान में शिफ्ट कराया जा सकता है. इसके लिए थोड़ा प्रोसेसिंग चार्ज लग सकता है, लेकिन EMI कम हो सकती है.
2. लोन की टेन्योर बढ़ा सकते हैं
EMI कम करने का सबसे आसान तरीका है लोन की बाकी अवधि को थोड़ा बढ़ा देना.
जब लोन की रकम को ज्यादा समय में चुकाया जाता है, तो हर महीने की किस्त कम हो जाती है. हालांकि इसका मतलब यह भी है कि कुल ब्याज ज्यादा देना पड़ सकता है. लेकिन अगर फिलहाल मंथली बजट पर दबाव है, तो यह तरीका राहत दे सकता है.
3. अतिरिक्त पैसे से आंशिक प्रीपेमेंट करें
अगर आपको बोनस, निवेश से मुनाफा या कोई अतिरिक्त रकम मिलती है, तो उसे होम लोन के प्रिंसिपल में जमा किया जा सकता है. ज्यादातर होम लोन में आंशिक प्रीपेमेंट पर कोई पेनाल्टी नहीं होती. जब मूल रकम कम हो जाती है, तो बैंक से EMI दोबारा कैलकुलेट कराने पर मंथली किस्त घट सकती है.
4. बैलेंस ट्रांसफर पर विचार करें
अगर किसी दूसरे बैंक में कम ब्याज दर पर होम लोन मिल रहा है, तो लोन को वहां ट्रांसफर भी किया जा सकता है. इसे बैलेंस ट्रांसफर कहा जाता है. हालांकि इसमें कुछ कागजी प्रक्रिया और प्रोसेसिंग फीस लगती है. इसलिए यह विकल्प तभी फायदेमंद होता है जब ब्याज दर में अच्छा अंतर हो.
5. परेशानी आने से पहले बैंक से बात करें
अगर अचानक आय कम हो जाए या खर्च बढ़ जाए, तो EMI मिस होने का इंतजार न करें. बैंक से पहले ही बात कर लें. कई बार बैंक भुगतान की शर्तों में थोड़ा बदलाव करके लोन को री-स्ट्रक्चर कर देते हैं ताकि ग्राहक पर दबाव कम हो जाए.
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