म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोग बाजार के उतार-चढ़ाव के समय अक्सर कुछ आम गलतियां कर बैठते हैं, जो उनकी लॉन्ग टर्म की कमाई को नुकसान पहुंचाती हैं. एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि बाजार गिरने पर धैर्य रखें, SIP जारी रखें और तय एसेट एलोकेशन के साथ निवेश रणनीति पर टिके रहें.
1. बाजार गिरते ही घबराकर निवेश बेच देना
मार्केट गिरने पर कई निवेशक अपने म्यूचुअल फंड यूनिट्स बेच देते हैं ताकि आगे नुकसान न हो. लेकिन ऐसा करने से नुकसान पक्का हो जाता है और बाद में आने वाली रिकवरी का फायदा नहीं मिल पाता. इतिहास बताता है कि बाजार गिरने के बाद अक्सर दोबारा संभलता है.
2. बार-बार फंड बदलना
वोलैटिलिटी के समय कुछ निवेशक बेहतर रिटर्न की उम्मीद में बार-बार फंड, सेक्टर या एसेट क्लास बदलने लगते हैं. एक्सपर्ट कहते हैं कि अपनी तय एसेट एलोकेशन जैसे 70% इक्विटी और 30% डेट को बनाए रखना बेहतर होता है.
3. SIP बंद कर देना
बाजार गिरने पर कई लोग अपनी SIP रोक देते हैं. SIP का सबसे बड़ा फायदा यही है कि गिरावट के समय कम कीमत पर ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं, जिससे लॉन्ग में रिटर्न बेहतर हो सकता है.
4. मार्केट टाइमिंग की कोशिश
कुछ निवेशक सोचते हैं कि अभी बाजार से निकल जाते हैं और बाद में नीचे आने पर दोबारा निवेश करेंगे. लेकिन मार्केट के सही समय को पकड़ना बेहद मुश्किल होता है. अक्सर लोग कम दाम पर बेच देते हैं और बाद में ज्यादा दाम पर खरीद लेते हैं.
5. पोर्टफोलियो को रीबैलेंस न करना
बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण पोर्टफोलियो का संतुलन बिगड़ सकता है. जैसे इक्विटी गिर जाए और डेट स्थिर रहे. ऐसे में समय-समय पर रीबैलेंस करना जरूरी होता है ताकि निवेश आपके लंबे टारगेट के अनुसार बना रहे.
एक्सपर्ट का मानना है कि मार्केट में उतार-चढ़ाव हमेशा रहेगा. ऐसे समय में घबराने के बजाय धैर्य रखना, SIP जारी रखना और अपनी लॉन्ग टर्म की योजना पर टिके रहना ही म्यूचुअल फंड निवेश में बेहतर नतीजे दे सकता है.
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प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से News18Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन…और पढ़ें
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