डिजिटल रुपया न तो क्रिप्टोकरेंसी है और न ही कोई नया यूपीआई ऐप. यह भारत की आधिकारिक डिजिटल करेंसी है, जिसे सीधे भारतीय रिजर्व बैंक जारी करता है. इसे आप डिजिटल कैश की तरह समझ सकते हैं, जो आपके बैंक अकाउंट से अलग एक वॉलेट में रखा जाता है.
पहला कदम: क्या आपका बैंक सुविधा दे रहा है?
फिलहाल कुछ ही बैंक डिजिटल रुपया की सुविधा को दे रहे हैं. इनमें एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक जैसे बैंक शामिल हैं. सबसे पहले अपने बैंक की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जांच लें कि वे डिजिटल रुपया वॉलेट की सुविधा दे रहे हैं या नहीं.
दूसरा कदम: सीबीडीसी ऐप डाउनलोड करें
ज्यादातर बैंक डिजिटल रुपया के लिए अलग मोबाइल ऐप देते हैं. प्ले स्टोर या ऐप स्टोर पर जाकर अपने बैंक का आधिकारिक सीबीडीसी ऐप डाउनलोड करें. फर्जी ऐप से बचने के लिए ऐप का नाम और पब्लिशर जरूर जांच लें. ऐप इंस्टॉल करने के बाद अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें. चूंकि आपकी केवाईसी पहले से बैंक के पास होती है, इसलिए ज्यादा कागजी प्रक्रिया नहीं करनी पड़ती. आपको वॉलेट के लिए अलग पिन सेट करना होगा.
तीसरा कदम: वॉलेट बनाएं और पैसे जोड़ें
लॉग-इन के बाद डिजिटल रुपया वॉलेट बनाने का ऑप्शन मिलेगा. यह आपके सेविंग अकाउंट से जुड़ा होगा, लेकिन अलग रहेगा. आप अपने बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर करके वॉलेट में डाल सकते हैं. यह रकम e₹ टोकन में बदल जाती है और वॉलेट में स्टोर हो जाती है. इसे आप डिजिटल कैश की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं.
कैसे करें इस्तेमाल?
वॉलेट में पैसे आने के बाद आप क्यूआर कोड स्कैन कर दुकानदार को पेमेंट कर सकते हैं. लेनदेन यूपीआई जैसा लगता है, लेकिन इसमें सीधे डिजिटल रुपया ट्रांसफर होता है. आप किसी दूसरे व्यक्ति के डिजिटल रुपया वॉलेट में भी e₹ भेज सकते हैं.
ध्यान रखने वाली बातें
- वॉलेट में रखने की राशि पर सीमा हो सकती है.
- डिजिटल रुपया पर ब्याज नहीं मिलता, क्योंकि यह कैश की तरह काम करता है.
- यह पूरी तरह स्वैच्छिक है. वॉलेट खोलना जरूरी नहीं है.
फिलहाल डिजिटल रुपया भुगतान के भविष्य को समझने का एक तरीका है. अगर आपका बैंक सुविधा दे रहा है और आप इसे आजमाना चाहते हैं, तो छोटा ट्रांजैक्शन करके शुरुआत कर सकते हैं.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या डिजिटल रुपया क्रिप्टोकरेंसी जैसा है?
जवाब- नहीं. डिजिटल रुपया भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी कानूनी करेंसी है जबकि क्रिप्टोकरेंसी निजी डिजिटल एसेट होती हैं और भारत में लीगल टेंडर नहीं हैं.
2. क्या डिजिटल रुपया वॉलेट में रखी रकम पर ब्याज मिलेगा?
जवाब- नहीं. यह कैश की तरह काम करता है, इसलिए इस पर कोई ब्याज नहीं मिलता.
3. क्या डिजिटल रुपया वॉलेट सुरक्षित है?
जवाब- यह आरबीआई की ओर से जारी करेंसी है, इसलिए सरकारी गारंटी के साथ आता है. फिर भी अपने लॉग-इन डिटेल और पिन को सुरक्षित रखना जरूरी है.
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