बच्चों के नाम PPF अकाउंट खोलकर माता-पिता सुरक्षित और टैक्स-फ्री बचत कर सकते हैं. लेकिन अकाउंट खोलते समय कुछ नियमों का ध्यान रखना जरूरी है: हर बच्चे का सिर्फ एक PPF अकाउंट हो सकता है और उसे केवल एक अभिभावक ही खोल सकता है. सालाना निवेश की कुल सीमा 1.5 लाख रुपये है, जिसमें माता-पिता के अपने और बच्चे के अकाउंट दोनों शामिल हैं.
सबसे जरूरी नियम ये है कि बच्चे के नाम पर पीपीएफ अकाउंट अभिभावक यानी मां या पापा में से कोई एक ही खोल सकता है. एक बच्चे का सिर्फ एक पीपीएफ अकाउंट देश में कहीं भी हो सकता है. सालाना निवेश की लिमिट सिर्फ डेढ़ लाख रुपये है जो अभिभावक के अपने अकाउंट और बच्चे के अकाउंट मिलाकर होती है. मतलब पापा अपने अकाउंट में डेढ़ लाख डालें और बच्चे के अकाउंट में अलग से डेढ़ लाख नहीं डाल सकते. कुल मिलाकर एक फाइनेंशियल ईयर में सिर्फ डेढ़ लाख ही डाल सकते हैं. अगर इससे ज्यादा डाल दिया तो एक्स्ट्रा पैसे पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा और वो पैसे बेकार पड़े रहेंगे. ब्याज दर अभी 7.1 प्रतिशत सालाना है जो कंपाउंड होती है और टैक्स फ्री है.
बच्चे के पीपीएफ अकाउंट से जुड़ी गलतियां
अब आम गलतियां देखें तो सबसे बड़ी गलती यही है कि लोग सोचते हैं बच्चे का अकाउंट अलग है तो अलग-अलग डेढ़-डेढ़ लाख डाल सकते हैं. जैसे पापा ने अपने में डेढ़ लाख डाला और बच्चे के में एक लाख या ज्यादा डाल दिया तो एक्स्ट्रा अमाउंट पर ब्याज जीरो हो जाता है. 15 साल में ये नुकसान बहुत बड़ा हो जाता है क्योंकि कंपाउंडिंग से ब्याज कम होने पर कुल रकम काफी घट जाती है.
दूसरी गलती, अलग-अलग बैंक या पोस्ट ऑफिस में बच्चे के नाम दो अकाउंट खोलना जो गैरकानूनी है. तीसरी गलती सालाना लिमिट ट्रैक न करना और अप्रैल में नया साल शुरू होने पर गलत कैलकुलेशन करना. इससे टैक्स डिपार्टमेंट नोटिस भेज सकता है क्योंकि सेक्शन 80सी में सिर्फ डेढ़ लाख तक ही छूट मिलती है एक्स्ट्रा पर क्लेम करने से पेनल्टी लग सकती है.
15 साल में मैच्योर होता है अकाउंट
बच्चा 18 साल का होने पर अकाउंट उसके कंट्रोल में आ जाता है और तब उसकी अलग डेढ़ लाख की लिमिट होती है. तब कुल परिवार में तीन लाख तक निवेश हो सकता है. अकाउंट 15 साल में मैच्योर होता है लेकिन एक्सटेंड भी कर सकते हैं. गार्जियन अकाउंट ऑपरेट करता है और जरूरत पड़ने पर कुछ विड्रॉल भी कर सकता है लेकिन नियमों के मुताबिक.
बच्चों के नाम पीपीएफ अच्छा है लेकिन नियम सख्ती से फॉलो करें. हर साल अप्रैल में कुल निवेश चेक करें सिर्फ डेढ़ लाख तक रखें. गलती से ज्यादा डालने पर ब्याज न मिलना बड़ा नुकसान है. पोस्ट ऑफिस या बैंक में जाकर सही तरीके से अकाउंट खोलें और रसीद रखें. इससे बच्चे का भविष्य मजबूत बनेगा टैक्स बचत होगी और ब्याज पूरा मिलेगा. कई परिवारों ने छोटी गलती से लाखों का नुकसान उठाया है इसलिए सावधानी बरतें और जरूरत पड़ने पर एक्सपर्ट से सलाह लें.
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