टर्म इंश्योरेंस कम प्रीमियम में ज्यादा लाइफ कवर देने वाला प्योर रिस्क प्लान है. एक्सपर्ट के मुताबिक, कुक या मेड जैसे घरेलू कर्मचारियों के लिए भी टर्म इंश्योरेंस लिया जा सकता है, लेकिन पॉलिसी उन्हीं के नाम से होगी और नियोक्ता सिर्फ प्रीमियम भरने में मदद कर सकता है.
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इस सवाल का जवाब देते हुए मिंट से बातचीत में इंश्योरेंस समाधान के को-फाउंडर और सीओओ शिल्पा अरोड़ा ने बताया कि आप अपने कुक या मेड के लिए टर्म इंश्योरेंस का इंतजाम कर सकते हैं, लेकिन आप खुद पॉलिसी नहीं खरीद सकते (यानी पॉलिसी आपका नाम से नहीं बनेगी). ज्यादातर टर्म प्लान में इंश्योर्ड व्यक्ति (यहां कुक या मेड) को ही पॉलिसी खरीदनी पड़ती है और पॉलिसी का मालिक भी वही होता है. पैसे उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करके या समय पर पेमेंट सुनिश्चित करके आप सिर्फ प्रीमियम भरने में मदद कर सकते हैं.
टर्म इंश्योरेंस लेने के 5 बड़े फायदे
1. कम प्रीमियम, ज्यादा सुरक्षा- आमतौर पर इंश्योरेंस कंपनियां सालाना इनकम के 10 से 20 गुना तक का कवर देती हैं. 1 लाख रुपये सालाना कमाने वाले शख्स को 10 से 20 लाख रुपये तक का कवर मिल सकता है, हालांकि यह कंपनी की शर्तों और स्वास्थ्य जांच पर निर्भर करता है.
2. परिवार की आर्थिक सुरक्षा- अगर पॉलिसीधारक को कुछ हो जाता है, तो मिलने वाली बीमा राशि परिवार के रोजमर्रा खर्च, बच्चों की पढ़ाई और लोन चुकाने में मदद करती है.
3. लोन और जिम्मेदारियों का बोझ नहीं पड़ता- होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन जैसी जिम्मेदारियां टर्म इंश्योरेंस से कवर हो जाती हैं, जिससे परिवार पर कर्ज का दबाव नहीं आता.
4. टैक्स में बचत- टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत टैक्स छूट दिलाता है और क्लेम अमाउंट भी टैक्स फ्री होता है.
5. आसान और पारदर्शी प्लान- इसमें कोई निवेश या रिटर्न का झंझट नहीं होता. सिर्फ शुद्ध बीमा कवर मिलता है, इसलिए नियम साफ होते हैं और समझना आसान होता है.
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प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से News18Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन…और पढ़ें
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